टीबी रोगियों को मुख्यधारा में शामिल करना जिम्मेदारी:प्रो. अजय तनेजा
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में टीबी की जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति प्रो.अजय तनेजा ने सामाजिक स्तर पर टीबी के खिलाफ लड़ाई की आवश्यकता पर जोर दिया, और किया गया कि टीबी रोगियों को सम्मानपूर्वक मुख्यधारा में शामिल किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक और विद्यार्थियों को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ा गया। कुलपति प्रो.अजय तनेजा ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल चिकित्सा के स्तर पर नहीं,बल्कि सामाजिक स्तर पर भी लड़ी जानी आवश्यक है। टीबी रोगियों को समाज से अलग करने के बजाय सम्मानपूर्वक मुख्यधारा में शामिल करना सभी की जिम्मेदारी है। करियर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि टीबी छुआछूत का रोग नहीं है और रोगियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो.शालिनी त्रिपाठी ने युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया। संचालन डॉ. अंशुल पांडेय ने किया।


