फसल बीमा के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ रवाना
महेशपुर प्रखंड कार्यालय से खरीफ 2026 के लिए पीएम फसल बीमा योजना के प्रति जागरूकता रथ रवाना किया गया। अधिकारियों ने 33 पंचायतों में किसानों को योजना की जानकारी और पंजीकरण की प्रक्रिया समझाने का कार्य करने का संकल्प लिया। लक्ष्य 19,025 किसानों का पंजीकरण करना है तथा अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है।
महेशपुर, एक संवाददाता। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2026 के तहत अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने और फसल बीमा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महेशपुर प्रखंड कार्यालय परिसर से जागरूकता रथ को रवाना किया गया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक कुमार मिश्रा, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ़ सिद्धार्थ शंकर यादव, प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी नौरिक रविदास ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को प्रखंड के 33 पंचायतों में प्रचार-प्रसार हेतु रवाना किया। इस अवसर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजेश रमन सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता रथ प्रखंड के 33 पंचायतों में घूम-घूमकर किसानों को योजना के लाभ एवं पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी देते हुए खरीफ फसलों का बीमा कराने के लिए प्रेरित करने का कार्य करेगा।
बीडीओ ने बताया कि महेशपुर प्रखंड के 33 पंचायतों के लिए खरीफ 2026 के लिए कुल 19,025 किसानों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने संबंधित कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ लक्ष्य पूरा करने तथा पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि पीएम फसल बीमा योजना में पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित है। जागरूकता रथ के माध्यम से विभिन्न पंचायतों एवं गांवों में किसानों को सूखा, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि, चक्रवात, कीट एवं रोग सहित अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान पर मिलने वाली बीमा सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पंचायत स्तर पर आयोजित कैंपों में किसानों को पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। किसान अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या पंचायत मुख्यालय स्थित प्रज्ञा केंद्र से पंजीकरण करा सकते हैं। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे अंतिम तिथि से पहले अपनी अधिसूचित फसल का बीमा अवश्य कराएं और अपनी फसल को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करें।प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी नौरिक रविदास ने बताया कि इस कार्य में किसान मित्रों को भी प्रचार-प्रसार के लिए लगाया गया है। ताकि निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।


