‘मेरा रेशम मेरा अभिमान’ अभियान में किसानों को किया जागरूक
खूंटी के तेरम में 'मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0' अभियान के तहत जागरूकता व संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें मलवरी रेशम उत्पादन से जुड़े किसानों को वैज्ञानिक विधियों से कीटपालन और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर करने की जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने अपने अनुभव साझा किए और किसानों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा की।

खूंटी, संवाददाता। केन्द्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीटीआर एंड टीआई), नगड़ी, रांची तथा अग्र परियोजना केंद्र, खूंटी के संयुक्त तत्वावधान में ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0’ अभियान के तहत खूंटी के तेरम मे जागरूकता सह किसान संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मलवरी रेशम उत्पादन से जुड़े किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से कीटपालन और उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने की जानकारी दी गई। सीटीआर एंड टीआई, नगड़ी की वैज्ञानिक डॉ. अर्पणा के. ने किसानों को मलवरी उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, कीटपालन के उचित तरीकों तथा गुणवत्तापूर्ण रेशम उत्पादन के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर परियोजना पदाधिकारी सोनी कुमारी ने किसानों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान किसानों ने मलवरी उत्पादन एवं कीटपालन से जुड़ी अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं रेशम किसान उपस्थित थे।


