दो महीने में सभी पेट्रोल पंपों को एनपीआर कैमरों से लैस किया जाएगा
गाज़ियाबाद में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी पेट्रोल पंपों पर एनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट खुद स्कैन करेंगे। जैसे ही बीएस-चार से नीचे की गाड़ियों की पहचान होगी, उनका ई-चालान जारी कर दिया जाएगा और उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर से लागू होगी।

- नंबर प्लेट स्कैन होते ही खुद कटेगा ई-चालान, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कसेगा शिकंजा- बीएस चार से नीचे की गाड़ियों पर लगाम लगाने के लिए लगाए जाएंगे कैमरे - एक अक्टूबर से सभी पंपों पर निगरानी होगी
गाज़ियाबाद में नई व्यवस्था
गाजियाबाद, मोहित शर्मा। जिले में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और पुराने वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए सभी पेट्रोल पंपों पर अगले दो माह में एनपीआर (नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों के माध्यम से पेट्रोल पंप पर आने वाले प्रत्येक वाहन की नंबर प्लेट खुद स्कैन होगी। बीएस-चार से नीचे की श्रेणी के वाहनों की पहचान होते ही उनका ई-चालान खुद जारी होगा और ऐसे वाहनों को पेट्रोल या डीजल भी उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। आपूर्ति विभाग ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को एक अक्टूबर तक इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
टेक्निकल व्यवस्थाएं
आपूर्ति विभाग ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कैमरे लगाने के साथ आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली जाएं। जिला आपूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि एक अक्टूबर से जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इसके बाद प्रत्येक वाहन की निगरानी डिजिटल माध्यम से होगी और कार्रवाई भी ऑनलाइन प्रणाली के तहत होगी। अधिकारी ने बताया कि कैमरों के माध्यम से जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। इससे मैनुअल जांच की आवश्यकता कम होगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई संभव होगी। इस व्यवस्था से वायु प्रदूषण नियंत्रण अभियान को मजबूती मिलेगी और लोग प्रदूषण मानकों के अनुसार वाहनों का उपयोग करने के लिए प्रेरित होंगे।
एनपीआर कैमरा सिस्टम का कार्य
कैसे काम करेगा एनपीआर कैमरा सिस्टम - एनपीआर (नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरा एक ऐसी डिजिटल तकनीक है, जो वाहन की नंबर प्लेट को खुद पढ़कर उसकी जानकारी संबंधित विभाग के सर्वर से मिलाती है। जैसे ही कोई वाहन पेट्रोल पंप पर पहुंचेगा, कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन करेगा। इसके बाद वाहन का पंजीकरण, प्रदूषण मानक और अन्य आवश्यक विवरण ऑनलाइन डाटाबेस से खुद मिलान किया जाएगा। यदि वाहन बीएस चार से नीचे की श्रेणी का होगा या उस पर कोई प्रतिबंध लागू होगा, तो सिस्टम तुरंत इसकी जानकारी देगा। इसके आधार पर वाहन का ई-चालान खुद जारी किया जा सकेगा और पेट्रोल या डीजल की आपूर्ति भी रोक दी जाएगी। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित होगी।


