जर्जर इमारतों पर दोबारा से नोटिस चस्पा होने शुरू
नोएडा, विक्रम शर्मा। दो बार नोटिस जारी होने के बाद लोग रह रहे मजबूती के मानकों पर खरे

नोएडा, विक्रम शर्मा। दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत के गिरने के बाद प्राधिकरण भी जर्जर मकानों को लेकर सख्त हो गया है। जर्जर फ्लैटों और मकानों को खाली करने के लिए दोबारा से नोटिस चस्पा कराने शुरू कर दिए हैं। गांवों में भी जर्जर मकानों पर नोटिस चिपकाए जा रहे हैं। शहर में खतरनाक इमारतों को चिह्नित करने वाले, खाली करने का नोटिस जारी करने वाले प्राधिकरण के कई अधिकारी और कर्मचारी खुद जर्जर इमारत में रह रहे हैँ। इनको पिछले वर्ष आवास खाली करने के लिए दो बार नोटिस जारी हुए थे। सिंतबर-2025 में नोटिस बकायदा आवास पर चस्पा हुए थे।
कुछ को छोड़ दें तो बाकी किसी भी अधिकारी-कर्मचारी ने यहां के आवास नहीं खाली किए। दिल्ली और दूसरी जगहों की जर्जर इमारतों के हादसों को देखते हुए अब तीसरी बार नोटिस जारी करने की तैयारी है।अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-27 में प्राधिकरण के 207 आवास हैं। वर्ष 2025 में आईआईटी रुड़की से करवाए गए परीक्षण में सैंपल मजबूती के मानकों पर ये आवास फेल हुए थे। आईआईटी की रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा था कि भूंकप जैसी स्थिति में यह मकान बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। इसके बाद प्राधिकरण ने नोटिस जारी करने की शुरुआत की थी। इसके बाद दोबार नोटिस जारी हो चुके हैं।


