किशनगंज: बच्चे को बेचने की आशंका में महिला गिरफ्तार, दो माह के शिशु को कराया गया मुक्त
28 अगस्त को गलगलिया बस पड़ाव पर सशस्त्र सीमा बल ने एक महिला को हिरासत में लिया, जो आर्थिक जरूरतों के चलते अपने दो महीने के शिशु को बेचने की कोशिश कर रही थी। महिला ने 2.5 लाख रुपये में बच्चे को बेचना चाहा था। शिशु को सुरक्षित मुक्त किया गया और कानून कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपा गया।

ठाकुरगंज से राजीव कुमार सिन्हा की रिपोर्ट गलगलिया बस पड़ाव पर बच्चे को बेचने की कथित कोशिश की सूचना पर सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक महिला को हिरासत में लिया और करीब दो माह के एक शिशु को सुरक्षित मुक्त कराया। कार्रवाई शुक्रवार को 28 अगस्त को की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की ‘ए’ कंपनी निमुगुड़ी और ‘जी’ कंपनी भातगांव की टीम ने रानीडांगा स्थित मुख्यालय की मानव तस्करी रोधी टीम तथा किशनगंज की राहत संस्था के सहयोग से गलगलिया बस पड़ाव पर अभियान चलाया। इस दौरान एक 37 वर्षीय महिला को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया।
उसके पास से 19 जून 2026 को जन्मा एक शिशु बरामद किया गया। पकड़ी गई महिला की पहचान रिंकू यादव, पति अर्जुन यादव, निवासी हाथखोला, बागडोगरा के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर बताया कि आर्थिक जरूरत के कारण वह शिशु को ढाई लाख रुपये में बेचने की योजना बना रही थी। इसके लिए वह भातगांव-गलगलिया बस पड़ाव पर राजस्थान के एक अज्ञात व्यक्ति को शिशु सौंपने वाली थी। महिला शिशु को अपना बच्चा बता रही थी। एसएसबी की टीम ने शिशु को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर महिला को हिरासत में लिया। बाद में बरामद शिशु और पकड़ी गई महिला को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गलगलिया थाना पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


