आजमगढ़ से अलकायदा के इंडियन माड्यूल का आतंकी गिरफ्तार
आजमगढ़, आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने अल-कायदा से जुड़े आतंकी मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। वह वॉट्सएप ग्रुप के जरिए जिहाद फैला रहा था। नबील का नेटवर्क जम्मू-कश्मीर, बांग्लादेश, म्यांमार तक फैला था। एटीएस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

आजमगढ़, संवाददाता। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सब कॉटीनेट (एक्यूआईएस) से जुड़े आतंकी मोहम्मद नबील को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया है। वह अरबी में ला-गालिब-इल्लल्लाह नाम से वाट्सएप ग्रुप के जरिए जिहाद फैला रहा था। उसका नेटवर्क जम्मू-कश्मीर से लेकर बांग्लादेश, म्यांमार व सऊदी अरब तक फैला था। एटीएस उससे शुरुआती पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है। आरोपी दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर गांव का रहने वाला है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर पाकिस्तान के सहयोग से भारत में गजवा-ए-हिंद की योजना बना रहा था। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉम के जरिए उसकी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर एटीएस ने छानबीन शुरू की थी। देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता व षड्यंत्र में शामिल होने के तथ्य सामने आने पर आरोपी नबील को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आतंकी संगठन अल-कायदा के आतंकी अनवर उल अवलाकी की विचारधारा से प्रेरित होकर कट्टरपंथी युवकों को व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर उन्हें जिहाद के लिए उकसा रहा था। युवकों को मुजाहिद बनाने तथा इसके लिए धन व अत्याधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण दिलाने का षड्यंत्र रचा जा रहा था। नबील के वाट्सएप ग्रुप में जम्मू-कश्मीर के युवकों के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार व सऊदी अरब के भी कई युवक जुड़े थे। ग्रुप के माध्यम से वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन एक्यूआईएस की विचारधारा को प्रचारित व प्रसारित कर रहा था। आरोपी ने सोशल मीडिया के इंक्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स पर ग्रुप बनाकर कई कट्टरपंथी युवकों को जोड़ा था और जिहाद के लिए धन भी जुटाया जा रहा था। एटीएस ने आरोपी के विरुद्ध विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एटीएस के अनुसार आरोपी नबील के मोबाइल फोन की पड़ताल में एक्यूआईएस की विचारधारा को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने तथा अरबी भाषा मे ला-गालिब-इल्लल्लाह नाम का व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने की जानकारी सामने आई। वह ग्रुप से जुड़े सदस्यों को मुजाहिद कहकर संबोधित करता था。
कोडवर्ड में होती थी बातें, साझा कीं आतंकी पुस्तकें
: एटीएस की जांच में सामने आया है कि नबील के ग्रुप में जिहाद, चाकू, केमिकल व प्लान के लिए ट्रिप, पेन, जूस और प्रोजेक्ट जैसे कोडवर्ड इस्तेमाल किए जाते थे। इस ग्रुप में आरोपी नबील ने अलकायदा के आतंकी अनवर उल अवलाकी की लिखी किताब जिहाद करने के 44 तरीके साझा की थी। सभी सदस्यों से इसे पढ़ने की अपील की थी। नबील ने एक्यूआईएस के पूर्व प्रमुख आतंकी मौलाना आसिम उमर की लिखी किताब तीसरी जंग-ए-अजीम और दज्जाल भी शेयर की गई है。
कई संदिग्ध ग्रुपों से जुड़ा है नबील
: आरोपी नबील फ्लेम्स आफ वार जैसे कई अन्य संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप्स में भी जुड़ा है। इन ग्रुपों में बांग्लादेश, म्यांमार व सऊदी अरब के लोग भी जुड़े हैं। इन ग्रुप में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-कायदा की विचारधारा को प्रसारित किया जा रहा है।
पाकिस्तान जाने की बनाई थी योजना
: एटीएस के अनुसार आरोपी नबील पाकिस्तान, तुर्की व बांग्लादेश में जाकर अपने मकसद को पूरा करने के लिए खास ट्रेनिंग लेने और बम बनाने का प्रशिक्षण हासिल करना चाहता था। उसने इसकी योजना बनाई थी। वह बम बनाने के तरीकों से जुड़े वीडियो भी देखता था। ग्रुप पर पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने को लेकर की गई चैटिंग भी मिली है।


