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कत्ल के पीछे कौन? अतीक अहमद का 'रहस्यमयी' खत सीएम योगी-CJI डीवाई चंद्रचूड़ को भेजा, वकील का बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में मारे गए गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद द्वारा लिखा गया एक पत्र मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास भेजा गया है।

कत्ल के पीछे कौन? अतीक अहमद का 'रहस्यमयी' खत सीएम योगी-CJI डीवाई चंद्रचूड़ को भेजा, वकील का बड़ा खुलासा
Gaurav Kalaहिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीTue, 18 Apr 2023 01:48 PM
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Atiq Ahmed letter to CM yogi and CJI- उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में मारे गए गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद द्वारा लिखा गया एक पत्र मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास भेजा गया है। अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा ने मंगलवार को इस बात का खुलासा किया। विजय मिश्रा ने कहा कि अतीक ने कहा था कि अगर उसकी हत्या हो जाती है तो इस पत्र को उन्हें सौंप दें। इस पत्र को लिखने के ठीक एक दिन बाद ही अतीक और अशरफ मिट्टी में मिल गए। मिश्रा ने कहा कि अतीक ने पत्र में कई राज खोले हैं, जिसमें उसकी हत्या के पीछे मास्टरमाइंड कौन है, इसका भी खुलासा हो सकता है।

अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा ने मंगलवार को पीटीआई को बताया, "मुझे पत्र की सामग्री की जानकारी नहीं है। अतीक अहमद ने कहा था कि अगर कोई दुर्घटना होती है, या यदि उनकी हत्या हुई है, तो पत्र को सीलबंद लिफाफे में भारत के मुख्य न्यायाधीश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा जाना चाहिए।" 

पत्र में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का नाम
अतीक अहमद के पत्र लिखकर सौंपने के बाद दोनों भाईयों की मौत हो गई। विजय मिश्रा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि अतीक और अशरफ ने उसे सिर्फ इतना बताया था कि जेल से बाहर ले जाने के दौरान उन्हें ठिकाने लगाने की तैयारी है। पत्र में अतीक ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नाम का खुलासा किया है।

पहली बार बच गए लेकिन अब नहीं
विजय मिश्रा ने आगे कहा, "प्रयागराज से बरेली ले जाते समय ... एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने उसे (अशरफ) बताया कि वह इस बार बच गया, लेकिन 15 दिनों के भीतर जेल से बाहर ले जाया जाएगा और खत्म कर दिया जाएगा ... मैंने अशरफ से पुलिस अधिकारी के बारे में पूछा। उसने अपना नाम नहीं बताया। क्योंकि उन्हें लगा कि मैं (मिश्रा) मुश्किल में पड़ जाऊंगा।"

मिश्रा ने एएनआई को बताया कि अशरफ ने उन्हें बताया था कि एक 'सीलबंद लिफाफा' सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों और यूपी के मुख्यमंत्री को देने की बात कही थी।

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