Assembly Elections 2018 BJP and Congress played bigger bets on new faces 63 BJP legislators do not have tickets - विधानसभा चुनाव 2018: भाजपा और कांग्रेस ने नए चेहरों पर बड़ा दांव खेला, एमपी में 63 बीजेपी विधायकों को टिकट नहीं DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विधानसभा चुनाव 2018: भाजपा और कांग्रेस ने नए चेहरों पर बड़ा दांव खेला, एमपी में 63 बीजेपी विधायकों को टिकट नहीं

बीजेपी और कांग्रेस (PTI/Reuters)

छत्तीसगढ़ चुनाव के बाद भाजपा और कांग्रेस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में सारी ताकत झोंक दी है। दोनों ही पार्टियों ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में नए चेहरों पर बड़ा दांव लगाया है और हारे उम्मीदवारों पर कम भरोसा किया है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को इन दोनों राज्यों में दो तिहाई से ज्यादा बहुमत मिला था। फिर भी लंबे समय से सत्तारूढ़ भाजपा ने नए चेहरों को ज्यादा तवज्जो देकर युवा वोटरों को अपने पाले में रखने की कोशिश की है। वहीं कांग्रेस ने बड़ी संख्या में नए चेहरों को उतारकर संगठन में जान फूंकने की कोशिश की है। 

जनता जान चुकी हैं, कौन चौकीदार है और कौन चोर : अमित शाह

मध्य प्रदेश (230)
भाजपा : 101 नए चेहरे 
कांग्रेस : 75 नए चेहरे
98 प्रत्याशियों पर दोबारा भरोसा किया कांग्रेस
63 से ज्यादा भाजपा विधायकों को टिकट नहीं 
06 मंत्रियों के टिकट काटे भाजपा ने एमपी में 
2013 चुनाव परिणाम
भाजपा : 165
कांग्रेस : 57 

राजस्थान (200 सीटें)
भाजपा : 82 नए चेहरे
कांग्रेस : 110 नए चेहरे
92 निवर्तमान विधायकों को टिकट मिला भाजपा से
85 प्रत्याशियों को दोबारा टिकट दिए हैं  कांग्रेस
05 मंत्रियों 65 विधायकों के टिकट काटे हैं भाजपा ने

2013 चुनाव परिणाम
भाजाप : 163
कांग्रेस : 21

सत्ता विरोधी असंतोष दूर करने की जुगत में भाजपा
भाजपा द्वारा बड़ी संख्या में नए चेहरों को उतारने की रणनीति के पीछे सत्ता विरोधी असंतोष को कम करना है। पार्टी का मानना है कि लोगों ने सरकार की बजाय स्थानीय विधायकों को लेकर ज्यादा नाराजगी है। इसीलिए बगावत का जोखिम मोल लेते हुए बड़ी संख्या में राजस्थान और मध्य प्रदेश में नए चेहरों का उतारा गया है। 

कांग्रेस की रणनीति में राहुल गांधी की छाप
राजस्थान और मध्य प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बेहद कम सीटें मिली थीं, लिहाजा इस बार बड़ी संख्या नए चेहरे उतारे गए हैं। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की युवाओं को तरजीह देने की रणनीति की छाप दिखती है। पार्टी का मानना है कि हारे गए प्रत्याशियों की जगह नए चेहरों को टिकट देने पर ज्यादा असंतोष नहीं होगा, लेकिन इस बार सत्ता में वापसी के संकेतों से पार्टी में काफी संख्या में असंतुष्ट मैदान में उतर गए हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Assembly Elections 2018 BJP and Congress played bigger bets on new faces 63 BJP legislators do not have tickets