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28 जनवरी, 2020|7:16|IST

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महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना की नैया पार: हरियाणा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी, मगर फंस गया है पेच, जानें नतीजों की खास बातें

maharashtra assembly election results

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा-शिवसेना गठबंधन विधानसभा चुनाव में गुरुवार को घोषित नतीजों के बाद अपनी सत्ता बरकरार रखने में कामयाब हो गया, हालांकि उसके बहुमत में कमी आयी है। उधर, हरियाणा के मतदाताओं ने भाजपा को सबसे बड़ा दल बनाने के बावजूद त्रिशंकु विधानसभा का जनादेश दिया। हरियाणा में अब सरकार बनाने की कुंजी दुष्यंत चौटाला नीत जजपा और निर्दलीयों के हाथों में आ गयी है। महाराष्ट्र में बहुमत का आंकड़ा पार करने से बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनती दिख रही है, मगर हरियाणा में अब भी पेच फंसा हुआ है। महाराष्ट्र में जहां भाजपा-शिवसेना गठंबधन को 162 सीटें मिली हैं, वहीं कांग्रेस-एनसीपी को 97 सीटेें मिली हैं। 

महाराष्ट्र फिर बीजेपी-शिवसेना की झोली में, हरियाणा में फंसा पेच

महाराष्ट्र में मराठा क्षत्रप शरद पवार (78) नीत राकांपा ने चुनाव पंडितों के अनुमानों को धता बताते हुए काफी अच्छा प्रदर्शन किया। साथ ही भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने अपनी सीट तालिका में सुधार करते हुए कहा कि वह ''50-50 के सत्ता भागीदारी फार्मूले पर बल देगी। इस मई में लोकसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद इन दोनों राज्यों में सत्तारूढ़ भाजपा को विपक्षी कांग्रेस की ओर से कड़ी टक्कर मिली है।

हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 40 सीट पाकर बहुमत से छह सीट पिछड़ गयी। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने संकेत दिया कि भाजपा अगली सरकार के लिए दावा पेश करेगी। भाजपा के पास निवर्तमान सदन में 47 सीट हैं और उसने लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी दस सीटें जीती थीं। पार्टी को सदन में साधारण बहुमत के लिए 46 सदस्यों का समर्थन चाहिए। हरियाणा में अब सभी की आंखें जननायक जनता पार्टी पर टिकी हुई है जिसकी स्थापना पिछले साल हिसार से पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने की थी। चौटाला खानदान में आपसी कलह के बाद इनेलो में दो फाड़ होने के चलते दुष्यंत ने जजपा का गठन किया था। राज्य विधानसभा चुनाव में जजपा की झोली में 10 सीटें आयी हैं जबकि सात पर निर्दलीयों की किस्मत खुली है। 

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कुशल राजनीतिज्ञ की तरह दुष्यंत ने अभी इस बात को लेकर अपने पत्ते नहीं खोलें हैं कि वह राज्य सरकार बनाने के लिए भाजपा को समर्थन देंगे या कांग्रेस को।  हरियाणा में कांग्रेस ने अधिकतर एग्जिट पोल के पूर्वानुमानों को गलत साबित करते हुए 31 सीटें जीतीं जबकि निवर्तमान सदन में उसकी 15 सीटें हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने रोहतक के अपने पारंपरिक क्षेत्र गढ़ी सांपला किलोई से चुनावी जीत दर्ज की। उन्होंने गैर भाजपा दलों से अगली सरकार बनाने के लिए हाथ मिलाने की अपील की है। भाजपा ने महाराष्ट्र एवं हरियाणा के जनादेश को ''विकास एजेंडे की जीत बताकर इसकी सराहना की जबकि विपक्षी दलों ने इसे भगवा दल की ''नैतिक हार करार दिया है। विपक्षी दलों ने दावा किया कि ''जब लोग भूख से मर रहे हो तो अति राष्ट्रवाद नहीं चल सकता।

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नयी दिल्ली में स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकार्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र एवं हरियाणा के लोगों ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस और मनोहरलाल खट्टर पर भरोसा जताया है। उन्होंने दावा किया कि दोनों नेता जनता की सेवा करने के लिए और परिश्रम करेंगे। भाजपा सूत्रों ने कहा कि पार्टी के संसदीय बोर्ड ने महाराष्ट्र एवं हरियाणा में सरकार गठन के बारे में निर्णय लेने के लिए पार्टी अध्यक्ष शाह को अधिकृत किया है तथा दोनों मुख्यमंत्रियों को नहीं बदला जाएगा।

महाराष्ट्र में राकांपा ने न केवल अपने प्रदर्शन को बेहतर किया बल्कि अपने वरिष्ठ सहयोगी की तुलना में कम सीटों पर चुनाव लड़कर अधिक सफलता पायी। महाराष्ट्र की 288 के घोषित नतीजों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को पिछली बार की तुलना में सामान्य बहुमत मिला है। भाजपा को 105 और शिवसेना को 57 सीटें मिल गयी हैं। राज्य में सामान्य बहुमत के लिए 145 सीटें चाहिए। राज्य में अभी तक कांग्रेस 44 एवं राकांपा को 53 सीटें मिली हैं।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाने के लिए कड़े रुख का संकेत दिया है। पार्टी के ''50-50 फार्मूले का राजनीतिक विश्लेषक बारी बारी से मुख्यमंत्री बनाने या बराबर संख्या में मंत्री होने का अर्थ निकाल रहे हैं। ठाकरे ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, ''महाराष्ट्र का जनादेश कई लोगों के लिए आंख खोल देने वाला है। सरकार गठन के लिए कड़ी सौदेबाजी होने का संकेत देते हुए उन्होंने कहा, ''हमनें कम सीटों पर (भाजपा की तुलना में) चुनाव लड़ने पर सहमति जतायी किंतु मैं हर समय भाजपा के लिए गुंजाइश नहीं बना सकता। मुझे अपनी पार्टी को बढ़ने का मौका देना है।

महाराष्ट्र चुनाव में जिन लोगों के सिर पर सफलता का सेहरा बंधा उनमें फड़णवीस, शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे तथा विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष धनंजय मुंडे शामिल हैं। मुंडे ने अपनी चचेरी बहन और भाजपा मंत्री पंकजा मुंडे को हरा कर सुर्खियां बटोरीं। फड़णवीस ने संवाददाताओं से कहा, ''मतदाताओं का स्पष्ट जनादेश, अगली सरकार भाजपा-शिवसेना महायुति की होगी। राकांपा प्रमुख ने संवाददाताओं से कहा कि संदेश है कि लोग ''सत्ता का अहंकार पसंद नहीं करते।

उन्होंने इस बात की संभावना को नकार दिया कि राकांपा एवं कांग्रेस सरकार बनाने के लिए शिवसेना से हाथ मिलाएंगे। उन्होंने कहा, ''लोगों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से विपक्ष में रहने को कहा है। महाराष्ट्र के 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 122, शिवसेना को 63, कांग्रेस को 42 और राकांपा को 41 सीटें मिली थीं। फड़णवीस ने कहा कि भले ही भाजपा ने 2019 में 2014 के मुकाबले कम सीटें जीतीं पर उसका ''स्ट्राइक रेट इस बार बेहतर रहा।

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