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INDIA की कलह बनी मुसीबत! तीन राज्यों में क्यों हारी कांग्रेस? ममता बनर्जी ने बताई वजह

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा की जीत को ममता उनकी उपलब्धी नहीं मानती हैं। ममता ने कहा कि कांग्रेस ने इंडिया गुट की पार्टियों का साथ नहीं लिया इसलिए वह हार गई।

INDIA की कलह बनी मुसीबत! तीन राज्यों में क्यों हारी कांग्रेस? ममता बनर्जी ने बताई वजह
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,कोलकाताMon, 04 Dec 2023 04:18 PM
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत को उसकी सफलता मानने से इनकार कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो का मानना है कि कांग्रेस इस वजह से हारी क्योंकि इंडिया गठबंधन की बैठक में उन्होंने ममता की बात को नहीं माना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनके प्रस्ताव के अनुरूप इंडिया गुट की पार्टियों के साथ सीटों के बंटवारे पर काम करती तो नतीजा कुछ और ही देखने को मिलता। ममता ने यह भी कहा कि अगर भाजपा विरोधी ताकतों के बीच उचित समझ बनाया जाए को लोकसभा चुनाव के नतीजे अलग होंगे।

ममता ने बताई कांग्रेस के हार की वजह

बता दें राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से सरकारें छीनने के बाद भाजपा नए सिरे से सक्रिय हो गई है। केंद्र में सत्तारूढ़ दल का अखिल भारतीय नेतृत्व तीन राज्यों में इस जीत को 'मोदी मैजिक' की संज्ञा दे रहा है। बंगाल बीजेपी के नेताओं ने भी रविवार से दावा करना शुरू कर दिया कि लोकसभा चुनाव में उन्हें इस राज्य से भारी सीटें मिलेंगी और नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का समय आ गया है! वहीं मुख्यमंत्री ममता को लगता है कि तीन राज्यों के इन विधानसभा चुनावों के नतीजे बीजेपी की सफलता नहीं, बल्कि कांग्रेस की 'असफलता' हैं। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस को यह बात समझनी चाहिए थी, मैंने कांग्रेस को बार-बार समझाया था कि सीटों का बंटवारा जल्दी पूरा किया जा सकता है। अगर ऐसा होता तो ये नतीजा कभी नहीं होता।''

2024 के लिए ममता ने क्या दिया 'मंत्र'

तृणमूल नेता ने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे कांग्रेस को भाजपा विरोधी ताकतों के साथ समझौता नहीं करने की कीमत उसे चुकानी पड़ी है। उस राज्य में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस से सीटें मांगी थीं लेकिन कमलनाथ नहीं माने। तृणमूल नेतृत्व ने दावा किया कि अखिलेश के साथ तालमेल की कमी के कारण कांग्रेस को मध्य प्रदेश में 71 सीटें गंवानी पड़ीं, इससे बीजेपी को फायदा हुआ। बकौल ममता, ''यह नतीजा समझ का परिणाम नहीं है। इसके बाद समझ आएगी और नतीजा ये होगा कि बीजेपी भी समझ जाएगी! इसलिए चिंता का कोई कारण नहीं है।"

वहीं तीन राज्यों में हार के बाद कांग्रेस के अखिल भारतीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 दिसंबर को दिल्ली में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक बुलाई। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, दार्जिलिंग में पारिवारिक और प्रशासनिक कार्यक्रम पहले से तय होने के कारण ममता खुद दिल्ली की बैठक में नहीं जा पाएंगी। 6 तारीख को बाबरी मस्जिद विध्वंस दिवस के तौर पर अलग-अलग पार्टियों का अलग-अलग कार्यक्रम है। हालांकि, खड़गे द्वारा बुलाई गई बैठक में तृणमूल अपना एक प्रतिनिधि भेजेगी।

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