भूटान नरेश ने असम में बाढ़ पीड़ितों के प्रति एकजुटता व्यक्त की
सीएम सरमा ने असम में भयंकर बाढ़ के कारण हुई 103 मौतों पर शोक व्यक्त किया। भूटान नरेश ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। सरमा ने भूटान के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों की चर्चा की।

सीएम सरमा ने असम-भूटान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया असम में भीषण बाढ़ के कारण अब तक 103 लोगों की मौत हो चुकी
भूटान नरेश की संवेदना
गुवाहाटी, एजेंसी। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने असम के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की है। असम में भीषण बाढ़ के कारण अब तक 103 लोगों की मौत हो चुकी है।
जलवायु परिवर्तन का खतरा
हिमालयी देश के राजा ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन के असर से क्षेत्र को होने वाले साझा खतरों और भविष्य में इससे निपटने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समर्थन के लिए पड़ोसी देश का शुक्रिया अदा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा ने असम और भूटान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया।
सरमा का पत्र साझा करना
वांगचुक ने सरमा को लिखे पत्र में कहा, “मैं अपने और भूटान के लोगों की ओर से आपके और असम के लोगों के प्रति, खासकर उन लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने हाल में आई बाढ़ में अपने परिवार और मकान खो दिए हैं। हम मृतकों की याद में प्रार्थना करते हैं।” सरमा ने भूटान नरेश का यह पत्र शुक्रवार को साझा किया।
जलवायु की चुनौतियों का सामना
पत्र में भूटान नरेश ने कहा, “हमारे क्षेत्र में ऐसी आपदाओं का बार-बार आना और उनकी गंभीरता बढ़ना बदलती वैश्विक जलवायु की चुनौतियों के परिणामों के प्रति हमारी साझा संवेदनशीलता की स्पष्ट याद दिलाता है। इन चुनौतियों का हम सभी को मिलकर सामना करना होगा और आने वाले समय में भी लगातार इससे निपटना होगा।”
सरमा की प्रशंसा
उन्होंने तीन अगस्त को लिखे पत्र में कहा, “भारी नुकसान और तबाही के बावजूद, संकट की इस घड़ी में राज्य ने जिस तरह से इसका सामना किया, आपने जिस मजबूती और संकल्प के साथ इसका नेतृत्व किया वह प्रशंसनीय है।” वांगचुक ने कहा कि भूटान असम के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और राज्य के पुनर्निर्माण और इससे उबरने की कोशिशों में अपना पूरा समर्थन तथा दोस्ती का हाथ बढ़ाता है।
सरमा का आभार
इस एकजुटता के लिए आभार जताते हुए सरमा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हाल में आई बाढ़ से उबर रहे असम के लिए भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के स्नेहपूर्ण शब्दों और समर्थन के संदेश से मैं बहुत प्रभावित हुआ हूं। उन्होंने असम और भूटान के बीच ‘बेहद आत्मीय रिश्ते’ का जिक्र किया जो इतिहास से जुड़ा हुआ है, भौगोलिक जुड़ाव के कारण मजबूत हुआ है और दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पीढ़ियों से जारी मित्रता से मजबूत हुआ है।” मुख्यमंत्री ने कहा, असम के लोगों की ओर से मैं इस कठिन समय में हमारे साथ एकजुटता और मित्रता के साथ खड़े रहने के लिए महामहिम और भूटान के लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं。


