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मौत बनी बारिश, असम में काल के गाल में समाईं 26 जिंदगियां, 1.61 लाख लोग भी प्रभावित

असम में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ से स्थिति काफी बिगड़ गई है। बाढ़ के कारण मंगलवार को नए क्षेत्रों में पानी भर जाने से 15 जिलों में 1.61 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

मौत बनी बारिश, असम में काल के गाल में समाईं 26 जिंदगियां, 1.61 लाख लोग भी प्रभावित
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Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 19 Jun 2024 03:42 PM
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एक तरफ उत्तर भारत में लोग मॉनसून की बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं पूर्वोत्तर भारत में बारिश की वजह लोगों की जान पर बन आई है। असम में 28 मई से बाढ़, बारिश और तूफान के कारण अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। एक सरकारी बुलेटिन में कहा गया है कि लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ से स्थिति काफी बिगड़ गई है। बाढ़ के कारण मंगलवार को नए क्षेत्रों में पानी भर जाने से 15 जिलों में 1.61 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन में कहा गया है कि करीमगंज सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां 1,52,133 लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं। कुल 1378.64 हेक्टेयर फसल क्षेत्र भी नष्ट हो गया है, जबकि 54,877 पशु प्रभावित हुए हैं।

कुल मिलाकर 5114 प्रभावित लोगों ने 43 राहत शिविरों में शरण ली है। वर्तमान में 24 राजस्व सर्किलों के अंतर्गत 470 गांव जलमग्न हैं, जबकि कामपुर में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में बिस्वनाथ लखीमपुर, होजई, बोंगाईगांव, नलबाड़ी, तामुलपुर, उदलगुड़ी, दर्रांग, धेमाजी, हैलाकांडी, करीमगंज, हैलाकांडी, ग्वालपाड़ा, नागांव, चिरांग और कोकराझार शामिल हैं।

वहीं करीमगंज जिले में लगातार बारिश के बाद मंगलवार देर रात भूस्खलन में तीन नाबालिगों सहित एक ही परिवार के कम से कम पांच सदस्यों की मौत हो गई।  करीमगंज के पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रोतिम दास ने बताया कि यह घटना बदरपुर पुलिस थाना क्षेत्र के गैनाचोरा गांव में हुई।

उन्होंने पीटीआई बताया, "देर रात 12 बज कर करीब 45 मिनट पर, एक पहाड़ी पर भूस्खलन की सूचना मिली जिसमें एक घर पूरी तरह से जमींदोज हो गया। बदरपुर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी अपने कर्मचारियों और राज्य आपदा मोचन बल के कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे।"

दास ने बताया कि दल ने तत्काल बचाव अभियान प्रारंभ किया। उन्होंने बताया "तीन घंटे के बाद पांच शव बरामद किए गए। कोई जीवित नहीं बचा।" मृतकों की पहचान रॉयमुन नेसा (55) और उनके बच्चों साहिदा खानम (18), जाहिदा खानम (16) और हमीदा खानम (11) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन में महिमुद्दीन के तीन वर्षीय बेटे की भी मौत हो गई।