त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में बनेगी NDA की सरकार... हिमंत बिस्वा सरमा ने मतगणना से पहले की भविष्यवाणी
चारों एग्जिट पोल ने एनडीपीपी-बीजेपी गठबंधन के लिए एक ऐसे राज्य में बड़ी जीत की भविष्यवाणी की, जहां विधानसभा में पिछले कार्यकाल में कोई भी विपक्ष नहीं था। त्रिपुरा में त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में सत्ता में लौटेंगे। तीनों पूर्वोत्तर राज्यों में इसी महीने विधानसभा चुनाव हुए हैं। मेघालय और नगालैंड में सोमवार (27 फरवरी) को मतदान हुआ, जबकि त्रिपुरा में 16 फरवरी को मतदान हुआ था। तीनों राज्यों के लिए मतगणना दो मार्च को होगी। तीनों राज्यों में विधानसभा की 60 सीटें हैं।
मतगणना से पहले भविष्यवाणी करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "कोई तनाव नहीं है। तीनों राज्यों में हमारी सरकार होगी। पहले भी इन राज्यों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगियों द्वारा सरकार बनाई गई थी और इस बार भी ऐसा ही होगा।" असम सीएम नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) के संयोजक भी हैं। यह कांग्रेस विरोधी दलों का अलायंस है जिसका ने नेतृत्व भाजपा करती है।
इंडिजेनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के साथ गठबंधन कर 2018 में पहली बार त्रिपुरा की सत्ता में आई बीजेपी इस बार फिर उसी पार्टनर के साथ चुनाव लड़ रही है। नागालैंड में भी सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी और बीजेपी एक बार फिर साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। मेघालय में, दो सीटों वाली बीजेपी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की एक छोटी साझीदार थी। दोनों पार्टियां इस चुनाव को अलग-अलग मैदान में उतरी हैं।
उन्होंने कहा, "सभी सरकारें एनडीए के तहत सत्ता में वापस आएंगी और टीएमसी और कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। यथास्थिति बनी रहेगी। त्रिपुरा में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा, नगालैंड में हमारे गठबंधन सहयोगी (एनडीपीपी) नेतृत्व करेंगे और मेघालय का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि हमें कितनी सीटें मिलती हैं।" सोमवार को प्रकाशित कई एक्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक, नागालैंड और त्रिपुरा में भाजपा और उसके सहयोगियों ने बढ़त बना रखी थी, लेकिन मेघालय में त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी की गई है। एक्जिट पोल के मुताबिक, नागालैंड में, बीजेपी और उसकी सहयोगी नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) को बहुमत का आंकड़ा पार करती दिख रही है जबकि नागा पीपुल्स फ्रंट को सिंगल डिजिट (एक से 9) सीटों में सिमटने की भविष्यवाणी की गई है।
चारों एग्जिट पोल ने एनडीपीपी-बीजेपी गठबंधन के लिए एक ऐसे राज्य में बड़ी जीत की भविष्यवाणी की, जहां विधानसभा में पिछले कार्यकाल में कोई भी विपक्ष नहीं था। त्रिपुरा में त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। लेकिन तीन एग्जिट पोल ने भविष्यवाणी की है कि भाजपा और उसके सहयोगी, इंडिजेनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) अपने दम पर बहुमत के निशान के बहुत करीब या पार कर लेंगे। वामपंथियों के साथ कांग्रेस गठबंधन बहुत पीछे छूट गया। TimesNow-ETG रिसर्च के एक पोल में कहा गया कि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी हो सकती है लेकिन इसने त्रिशंकु विधानसभा की संभावना बताई है। सभी चार एग्जिट पोल ने कहा कि राज्य में नए खिलाड़ी, टिपरा-मोथा, के प्रभावशाली शुरुआत करने और आदिवासी बहुल जिलों में कई सीटों पर कब्जा करने की संभावना है। अगर ये ट्रेंड जारी रहता है, तो यह भाजपा के लिए लगातार दूसरी जीत होगी, जिसने 2018 में 25 साल के वाम शासन को उखाड़ फेंका।
एग्जिट पोल में मेघालय में, कड़ी प्रतियोगिता की भविष्यवाणी की है। तीन एग्जिट पोल ने कहा कि त्रिशंकु विधानसभा होने के बावजूद सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की संभावना है। तीन एग्जिट पोल ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कांग्रेस और भाजपा के बाद दूसरे सबसे बड़े संगठन के रूप में उभर सकती है। तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व अब राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा कर रहे हैं। पांच साल पहले नागालैंड में एनडीपीपी-बीजेपी गठबंधन ने 40:20 फॉर्मूले (एनडीपीपी के लिए 40 और बीजेपी के लिए 20 सीटें) के साथ चुनाव लड़ा था और इस बार भी यही व्यवस्था अपनाई गई है।
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