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विदेशों में भी दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन, एक्सपोर्ट की तैयारी; रेल मंत्री ने कर दिया बड़ा ऐलान

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत को लेकर अच्छा फीडबैक मिला है। फिलहाल इन ट्रेनों में और सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेन के नए वैरिएंट वंदे भारत स्लीपर पर काम शुरू हो चुका है।

विदेशों में भी दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन, एक्सपोर्ट की तैयारी; रेल मंत्री ने कर दिया बड़ा ऐलान
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 11 Feb 2024 11:47 AM
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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले बरसों में देश में डिजाइन और निर्मित वंदे भारत ट्रेनों को निर्यात करने की तैयारी है। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल बिजनेस समिट में रेलवे मिनिस्टर ने यह बात कही। उन्होंने कहा, 'शुरुआती चुनौती यह थी कि वंदे भारत ट्रेनों को देश के भीतर अपने इंजीनियरों की ओर से डेवलप किया जाए। इसमें हमें सफलता भी मिली है। अब मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि आने वाले वर्षों में हम इस ट्रेन का निर्यात शुरू कर देंगे।'

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत को लेकर अच्छा फीडबैक मिला है। फिलहाल इन ट्रेनों में और सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेन के नए वैरिएंट वंदे भारत स्लीपर पर काम पहले ही शुरू हो चुका है। रेल मंत्री ने हाल ही में बताया था कि वंदे भारत रेलगाड़ियों की संख्या बढ़ाकर 82 कर दी गई है। नई दिल्ली-मुंबई और नई दिल्ली-हावड़ा रेल मार्गों पर इन ट्रेनों की गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने का काम चल रहा है। उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों की सेवाओं के संबंध में 10 सांसदों की ओर से पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। वैष्णव ने कहा, '31 जनवरी 2024 तक 82 वंदे भारत ट्रेन संचालित थीं।'

रेलवे के 6 मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे की 6 मल्टीट्रैकिंग यानी लाइन क्षमता विस्तार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। राजस्थान, असम, तेलंगाना, गुजरात, आंध्र प्रदेश और नागालैंड के 18 जिलों को कवर करने वाली 6 परियोजनाएं हैं, जो भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को 1020 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी। ये प्रोजेक्ट्स इन राज्यों के लोगों को लगभग 3 करोड़ मानव दिवस का रोजगार प्रदान करेंगी। इनकी कुल अनुमानित लागत 12,343 करोड़ रुपए होगी और केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वित्त पोषण करेगी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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