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आयोग की बैठक में शामिल ना होने वाले अशोक लवासा ने लिखे थे EC को तीन पत्र, ये थी मांग

lavasa  who disagreed with the poll panel   s decision to give clean chits to pm modi and bjp presiden

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने आदर्श आचार संहिता से संबंधित निर्णय लेने वाली चुनाव आयोग की मीटिंग में शामिल होने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को तीन बार पत्र लिखकर उनकी मांग को स्वीकार करने को कहा, जिसमें अल्पमत निर्णयों को अंतिम फैसले में शामिल करने की मांग की थी।

इस मामले के घटनाक्रम से अवगत एक व्यक्ति के अनुसार, लवासा ने पहली बार 4 मई को अरोड़ा को पत्र लिखा था और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन से संबंधित मुद्दों को तय करने में अधिक "पारदर्शिता" की आवश्यकता से इंगित कराया था। इसके बाद 10 और 14 मई को रिमाइंडर भेजे गए, जिसमें बताया गया कि अल्पमत निर्णय या असहमतिपूर्ण विचार पोल पैनल के अंतिम निर्णय को बाहर रखना जारी है, जो बहु सदस्य सांविधिक निकायों के अच्छी तरह से स्थापित संस्थाओं के विपरीत हैं।

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कथित चुनाव आचार संहिता उल्लंघनों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को क्लीन चिट देने के पोल पैनल के फैसले से असहमत लवासा ने आयोग के अंतिम आदेशों में अल्पमत निर्णयों को शामिल करने तक ऐसी सभी बैठकों से खुद को पुन: दूर रखने का फैसला किया है।

एक पूर्व वित्त सचिव ने लवासा की मांग को पोल पैनल ने स्वीकार नहीं किया इसलिए उन्हें चुनाव संहिता के उल्लंघन का फैसला करने वाली बैठकों में भाग न लेने का निर्णय लिया लेकिन मुझे इसमें कोई कारण नहीं दिखता है।

चुनाव के दौरान पार्टियों, उम्मीदवार और सरकारें आदर्श आचार संहिता नियमों का पालन करती है। यह पोल पैनल द्वारा चुनाव की घोषणा के साथ शुरू होता है और परिणामों की घोषणा के साथ समाप्त होता है।
 

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  • Web Title:Ashok Lavasa wrote thrice to Election Commission to record minority view in poll code orders