आशा व आशा फैसिलिटेटर ने अपनी को लेकर किया प्रदर्शन
आशा व स्वास्थ्य कर्मियों ने सदर अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मीनू कुमारी ने बकाया प्रोत्साहन और अन्य मांगों का समर्थन किया। संघ के मंत्री वीरेन्द्र कुमार ने भुगतान में देरी पर चिंता व्यक्त की। कर्मचारियों ने सरकारी सेवक घोषित करने और पेंशन व अन्य लाभ की मांग की।

आशा व आशा फैसिलिटेटर संघ के बैनर तले आशा व स्वास्थ्य कर्मियों ने सदर अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरना प्रदर्शन में शामिल आशा व स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी सात सूत्री मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। अध्यक्षता करते हुए आशा संघ की जिलाध्यक्ष मीनू कुमारी ने अपनी मांगों पर चर्चा करते हुए आशा-आशा फैसिलिटेटरों के बकाये प्रोत्साहन,पारितोषिक राशि का भुगतान तुरंत करने, वेलनेस सेन्टरों पर कार्यरत आशा को 1000 रुपये प्रत्येक आशा को प्रतिमाह भुगतान करने की मांग की।
मांगों पर चर्चा
गांधी चौक स्थित धरना स्थल पर बैठक को संबोधित करते हुए संघ के जिला मंत्री वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि खेद का विषय है कि मार्च तक का आवंटन उपलब्ध होने के बावजूद कई प्रखंडों में भुगतान अद्यतन नहीं हो पाया है। उन्होंने पर्याप्त अवंटन उपलब्ध कराने की मांग की। सेवानिवृत्त की उम्र 65 वर्ष करने,आशा के बंद आईडी को अविलंब खोलने की मांग की। चिकित्सा जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला मंत्री राकेश कुमार सिंह ने आशा को मोबाइल के कूपन रिचार्य के लिए दी जाने वाली राशि एवं पोशाक भत्ता राशि में महंगाई को देखते हुए बढ़ोत्तरी करने की मांग की।
सरकारी सेवाओं की मांग
कर्मचारी संघ के वरीय नेता राजेन्द्र पटेल ने आशा के मांगों को जायज बताते हुए सभी आशा को सरकारी सेवक घोषित करने, प्रक्रियाधीन अवधि में न्यूनतम 26 हजार रुपये वैधानिक मजदूरी,एक लाख रुपये सेवानिवृत्त बेनीफीट,10 हजार रुपये प्रति माह पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे। संघ के कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र राय ने आशा के मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार कर्मचारी विरोधी रवैया अपना रही है। आदेश के बावजूद राज्य कर्मियों को प्रोन्नति के पदानुक्रम में विहित वेतनमान के साथ उच्चतर पद पर प्रभार देने की मांग कर रहे थे। संघ के प्रतिनिधि मंडल की ओर से मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए गांधी चौक पर बैठक की। धरना सभा को संघ के जिलाध्यक्ष राजेश रंजन, वीणा कुमारी, उषा कुमारी, सुनीता कुमारी, गीता कुमारी व सुशीला ने संबोधित किया। -जयप्रकाश


