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13 अगस्त, 2020|2:03|IST

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असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा- न कोई घुसा, न कोई घुसा हुआ है तो फिर 'डी-एस्केलेशन' क्यों?

asaduddin owaisi

भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने की दिशा में नई दिल्ली और बीजिंग की तरफ से जहां बयान जारी कर जल्द सीमा तनाव कम करने की बात कही गई तो वहीं बीजिंग ने लद्दाख में अपने सैनिकों को पीछे हटा लिया है।

इससे पहले, रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने करीब 2 घंटे तक तनाव कम करने की दिशा में बातचीत की। लेकिन, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने यह कह कर सरकार पर निशाना साधा है कि जब चीन घुसा ही नहीं है तो फिर डि-एस्केलेशन क्यों?

ओवैसी ने ट्वीट करते हुए तीन सवाल पूछे।

उन्होंने कहा- मेरे पास तीन सवाल हैं-

1-किसी भी सूरत-ए-हाल में डी-एस्केलेशन का क्या मतलब है, चीन को वो सब कुछ करने देना चाहिए जो वो चाहता है?

2-प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक न कोई घुसा है और न कोई घुसा हुआ है, तब डी-एस्केलेशन क्यों?

3-हम क्यों चीन पर भरोसा कर रहे हैं जबकि उसने 6 जून के समझौते के बाद धोखा दिया, जो डि-एस्केलेशन का भी वादा किया था।

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डि-एस्केलेशन पर भारत-चीन में बनी सहमति

विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को टेलीफोन पर बात की जिसमें वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सैनिकों के जल्द से जल्द पीछे हटने पर सहमत हुए। डोभाल और वांग दोनों देशों के बीच सीमा वार्ता से संबंधित विशेष प्रतिनिधि हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में इस वार्ता को खुली और विचारों का व्यापक आदान-प्रदान करार दिया तथा कहा कि डोभाल और वांग इस बात पर सहमत हुए कि दोनों पक्षों को एलएसी से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना चाहिए।

भारत और चीन के सैनिकों के बीच पैंगोंग सो, गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग सहित पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आठ सप्ताह से गतिरोध जारी है। चीनी सेना ने गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग से सोमवार को अपने सैनिकों की वापसी शुरू कर दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा से सैनिकों का पूरी तरह पीछे हटना और सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव में कमी सुनिश्चित करना आवश्यक है।

इसने कहा कि डोभाल और वांग इस बात पर भी सहमत हुए कि दोनों पक्षों को एलएसी से पीछे हटने की जारी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना चाहिए और भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों को चरणबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

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  • Web Title:Asaduddin Owaisi asked no one has entered nor has anyone entered then why de-escalation