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आमने-सामनेः दिल्लीवालों के लिए आखिरी सांस तक लड़ूंगा- केजरीवाल 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सारे कामकाज ठप करवाए जा रहे हैं। इनका मकसद ही है कि हमारा बचा हुआ कार्यकाल इसी तरह से सरकार को पंगू बना कर निकल दें।

arvind kejriwal

छह दिन से राजनिवास में धरने पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को स्पष्ट कहा कि आईएएस अफसरों की हड़ताल खत्म होने तक वह नहीं हटेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा वह दिल्ली की जनता के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे। केजरीवाल ने ‘हिन्दुस्तान' को ईमेल पर दिए साक्षात्कार में ये बातें कहीं। 

सवाल- सरकार और अफसरों के बीच चल रहे विवाद के लिए आप किसे जिम्मेदार मानते हैं। इसे खत्म करने के लिए कोई पहल क्यों नहीं की गई?

जवाबः ये सब केंद्र सरकार के इशारे पर एलजी साहब करवा रहे हैं। इसे खत्म करने के लिए हमने बार-बार कोशिश की। पिछले तीन महीनों में मैंने खुद एलजी साहब से चार बार मुलाकात की। मनीष सिसोदिया चार बार, गोपाल राय और सत्येंद्र जैन भी तीन बार मिले। इसके अलावा मैंने और मनीष जी ने चिट्ठियां भी लिखीं। हर बार एलजी साहब एक ही बात कहते थे, मुझे एक हफ्ते का समय दो, मैं इसको ठीक करता हूं। आखिर तक आते-आते हमें यकीन हो गया कि ये हमें टरका रहे हैं। ये चाहते ही नहीं कि हड़ताल खत्म हो। तब साफ हो गया की इनका मकसद है कि हमारा बचा हुआ कार्यकाल इसी तरह से सरकार को पंगू बना कर निकल दें। तब हमें लगा की दिल्लीवासियों के लिए हमें कुछ करना पड़ेगा।

सवालः इस तरह के विवाद से जनता के क्या-क्या काम प्रभावित हो रहे हैं ?
जवाबः केंद्र सरकार का मकसद ही यही है कि दिल्ली में सारे कामकाज ठप करवा दिया जाएं। इस हड़ताल से दिल्ली में अनेक काम प्रभावित हो रहे हैं। जैसे,डेंगू और चिकनगुनिया की तैयारी  मीटिंग में कोई अधिकारी नहीं आ रहा। बारिशों के पहले नालों की सफाई होनी है, लेकिन अफसर मीटिंग में नहीं आ रहे। इनकी हड़ताल की वजह से नए मोहल्ला और पॉली क्लीनिक बनने का काम बिलकुल बंद हो गया है।

हर 15 दिनों में प्रदूषण की समीक्षा एवं प्लानिंग बैठक होती थी। अफसरों की हड़ताल की वजह से पिछले तीन महीनों से यह मीटिंग नहीं हो पाई। कच्ची कालोनियों में चल रहे गली-नाली के सारे काम या तो ठप हो गए हैं और या धीमे हो गए हैं। 

सवालः धरने पर बैठे हुए छह दिन हो गए हैं। अभी कोई रास्ता नहीं निकल रहा है। आगे की रणनीति क्या होगी?
जवाबः ये लोग दिल्ली की जनता का अपमान कर रहे हैं। आज हमारे घोर विरोधी भी मानते हैं कि हमारी सरकार ने मात्र तीन साल में ही शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी के क्षेत्र में शानदार काम किया है। लोग पूछ रहे हैं कि यदि आम आदमी पार्टी की सरकार मात्र तीन साल में सरकारी स्कूलों को ठीक कर सकती है, प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं बढ़ने देती, सरकारी अस्पतालों में दवाई टेस्ट और इलाज मुफ्त कर दिया तो मध्य प्रदेश,गुजरात और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकारें इतने सालों के शासन के बाद भी ये क्यों नहीं कर पाईं? 

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सवालः दिल्ली में पानी का बड़ा संकट है। भाजपा नेताओं ने आपके दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल कर रखी है। आप खुद जल बोर्ड के चेयरमैन हैं। पानी संकट पर सरकार क्या कदम उठा रही है?

जवाबः मैं खुद ही मान रहा हूं कि पानी की समस्या है। पर जब भी मैं इसके लिए अफसरों को फ़ोन करता हूं, वे फोन ही नहीं उठाते, मीटिंग में नहीं आते। फिर कैसे समस्या ठीक होगी। उसके लिए ही तो मैं यहाँ आया हूं ताकि अफसरों की हड़ताल ख्त्म हो और हम इन समस्याओं को समाधान कर सकें।

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