पुस्तकों से पुष्टि के बाद ही स्वीकारें जानकारी: प्रो. सुमन
हिन्दुस्तान, रांची
रांची विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में प्रो. अमित कुमार सुमन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षा और शोध में महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके उपयोग में सावधानी जरूरी है। विद्यार्थियों को सूचना की पुष्टि करने के लिए प्रामाणिक स्रोतों का सहारा लेना चाहिए।

रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से आए प्रो. अमित कुमार सुमन का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विषय पर विशेष व्याख्यान हुआ। प्रो. सुमन ने कहा कि एआई शिक्षा और शोध में महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके उपयोग में सावधानी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई से मिली जानकारी को अंतिम सत्य मानने के बजाय पुस्तकों और प्रामाणिक स्रोतों से उसकी जांच करने की सलाह दी। उन्होंने आगाह किया कि एआई भ्रामक सूचनाएं भी दे सकता है।विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश कुमार झा ने कहा कि एआई ऐतिहासिक शोध को नई दिशा दे सकता है, बशर्ते इसका विवेकपूर्ण उपयोग हो।
कार्यक्रम में डॉ. सुजाता सिंह, डॉ. मोहित कुमार लाल व कंजीव लोचन उपस्थित थे।


