एनेस्थीसिया के भी डॉक्टर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्ञान रखना होगा नहीं तो हो जाएंगे बाहर
इंडियन सोसाइटी ऑफ़ एनेस्थीसिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन मल्होत्रा ने बताया कि एनेस्थीसिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को इसे अपनाना होगा वरना वे बाहर हो जाएंगे। उन्होंने सुरक्षित प्रोटोकॉल और चिकित्सकों के ज्ञान में वृद्धि पर जोर दिया और जमशेदपुर में एक कार्यक्रम में यह बातें साझा की।

जमशेदपुर । इंडियन सोसाइटी ऑफ़ एनेस्थीसिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन मल्होत्रा ने कहा कि एनेस्थीसिया में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग होने लगा है। इसलिए डॉक्टर को भी इसे अपनाना होगा और जो इसे नहीं अपनाएगा वह बाहर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीक में बहुत सारे इजाफा हुए हैं और उसका उपयोग किया जा रहा है। अब पहले से ज्यादा सुरक्षात्मक संसाधन उपयोग में होने लगे हैं। यह गलत धारणा है कि ज्यादा एनेस्थीसिया देने से मरीज मर जाते हैं क्योंकि यह पूरी तरफ प्रोटोकॉल पर दिया जाता है और इस तरह की घटनाएं वहीं होती है जहां अप्रशिक्षित डॉक्टर इस तरह के एनेस्थीसिया का उपयोग करते हैं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के ज्ञान में वृद्धि को लेकर ही इस तरह के वैज्ञानिक सत्र का आयोजन किया जा रहा है और यह समय-समय पर किया जाता रहेगा। वह जमशेदपुर में एक दिवसीय मेडिकल एजुकेशन पर होने वाले कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान देश के अन्य स्थानों से भी कई एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ पहुंचे थे।


