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26 अक्तूबर, 2020|6:14|IST

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Article 370: यूपी में 2022 के चुनाव में हर दल सियासी नफे-नुकसान के फेर में

             370

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने और राज्य का पुनर्गठन करने का विधेयक संसद ने पास कर दिया। केंद्र सरकार के फैसले ने यूपी के सियासी दलों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है। आने वाले वक्त में हर दल इसे अपने तरीके से भुनाने की कोशिश करे तो हैरत नहीं।

2022 के लिए चुनावी मुद्दा बना सकती है भाजपा
भाजपा इसे 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश में दोबारा सरकार बनने के लिए मुख्य मुद्दा बना सकती है। पार्टी के चिरप्रतिक्षित संकल्प के पूरा होने के बाद रणनीतिकार इसका उपचुनाव में भी लाभ उठाएंगे। वहीं सियासी जानकार कहते हैं कि पार्टी इसे मिशन-2022 तक खींचकर वोट हासिल करने की कवायद कर सकती है। जनसंघ व भाजपा हर चुनाव में इस समस्या पर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करती रही है। विपक्षी दल इस मामले पर भाजपा पर लगातार तंज करने से भी नहीं चूकते थे कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर रहता है। माना जा रहा है कि केंद्र के फैसले के बाद पार्टी उसे अपनी सियासत के अनुकुल बनाने में जुटेगी।    

समाजवादी पार्टी ऊहापोह की शिकार
लोकसभा में सपा बिल पर वोटिंग के वक्त गैरहाजिर रही। राज्यसभा में उसने विरोध किया था। समाजवादी पार्टी में इस मुद्दे पर ऊहापोह की स्थिति में दिखती है। इसके पीछे असल में सपा की अल्पसंख्यक वोटों की फिक्र मुख्य कारण थी। इसी के चलते हुए उसने बिल का विरोध किया। पर, वह बहुसंख्यक वर्ग को भी नाराज नहीं करना चाहती जो केंद्र के कड़े रुख से खासा प्रसन्न दिख रहा है। इसीलिए उसने फैसले के खिलाफ पीडीपी व कांग्रेस की तरह बहुत खुलकर कुछ नहीं बोला। सपा मुखिया ने पाक अधिकृत कश्मीर का क्या होगा? जैसा सवाल उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश की है।

मायावती ने एक तीर से साधा दो निशाना
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने जाने पर बसपा का समर्थन देने को सियासी जानकार एक तीर से दो निशाने साधने जैसा करार दे रहे हैं। पार्टी इस समय यूपी में नंबर दो की पार्टी है। समर्थन देने के पीछे पहली रणनीति तो सपा से आगे निकलने की है। पार्टी ने बहुसंख्यक जनभावना का ध्यान रखा। इसे पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा बताया जा रहा है। वहीं इस मुद्दे पर समर्थन के पीछे पार्टी की मंशा कहीं न कहीं भाजपा को इसका पूरा लाभ लेने से रोकना भी है। पार्टी नहीं चाहती कि जिस मुद्दे पर बाबा साहब भीभ राव आंबेडकर ने कांग्रेस का विरोध किया उस मुद्दे पर वह कांग्रेस के साथ खड़ी हो।

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  • Web Title:Article 370: Every political party in gain and loss of 2022 uttar pradesh election