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हत्या करने के 19 साल बाद हुआ गिरफ्तार, जानें पुलिस से बचने के लिए क्या बना

Arrest

उत्तर प्रदेश के बागपत में दोघट पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में 19 वर्षों से फरार चल रहे हत्यारोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है। हत्यारोपी ने हरियाणा के पानीपत जिला स्थित समालखा में दो व्यक्तियों की हत्या कर दी थी। उस पर पानीपत पुलिस ने पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार हत्यारोपी पिछले 19 वर्षों से हापुड़ जिले के एक गांव के मंदिर में नाम बदलकर पुजारी के भेष में छुपा हुआ था। पुलिस ने उसके पास से तमंचा व जिंदा कारतूस बरामद किया है। 

जानकारी के अनुसार वर्ष 2001 में हत्यारोपी ओमबीर उर्फ टुंडा उम्र42वर्ष पुत्र महेन्द्र निवासी पट्टी चौधरान, छपरौली पानीपत के सिमालखा गांव में मखनी नामक व्यक्ति के घर पर पशु डेयरी में काम करता था। मखनी का वहीं के निवासी सतीश व रामकिशन से विवाद था। इसके चलते ओमबीर ने मखनी के साथ मिलकर राकेश व सतीश की हत्या कर दी। मामले में सात-आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिनमें से पुलिस सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि हत्यारोपी ओमबीर तभी से ही फरार चल रहा था। बाद में मखनी की भी हत्या कर दी गई थी।

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मामले में पानीपत पुलिस ने हत्यारोपी ओमबीर पर पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। हत्यारोपी की तलाश में पानीपत पुलिस ने कई बार छपरौली पहुंचकर दबिशें भी दी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग सकी। 

उधर, हत्यारोपी ओमबीर तभी से ही जनपद हापुड़ के सिंभावली अंतर्गत गांव जमालपुर के मंदिर में बाबा राकेशनाथ नाम रखकर साधू बनकार रह रहा था। मंगलवार शाम वह जमालपुर मंदिर में होने वाले भंडारे का निमंत्रण देने के लिए दोघट क्षेत्र के बामनौली गांव के हनुमान मंदिर पर आया था। जहां पहचान होने पर पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से एक तमंचा व जिंदा कारतूस भी बरामद करने का दावा किया है। 

फोन व परिजनों से रहता था दूर 
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि हत्यारोपी राकेशनाथ नाम रखकर मंदिर में पुजारी के भेष में रहता था। वह कभी भी फोन पर बातचीत नहीं करता था और न ही परिजनों से संपर्क करता था। यहीं कारण रहा कि पुलिस इतने वर्षों तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। 

हरियाणा पुलिस हत्यारोपी को कर चुकी मृत घोषित 
पुलिस के अनुसार हरियाणा पुलिस हत्यारोपी की तलाश में कई बार छपरौली पहुंचकर दबिशें दे चुकी थी लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। इस पर हरियाणा पुलिस ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश बंद कर दी थी। 

सिमालखा इंस्पेक्टर ने दोघट एसओ को दी बधाई 
हत्याकांड में 19 वर्षों से फरार चल रहे शातिर अपराधी की गिरफ्तारी पर हरियाणा के पानीपत जिला स्थित सिमालखा थाने के इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने दोघट एसओ अजय कुमार को बधाई दी। वह स्वंय टीम के साथ दोघट थाने पहुंचे तथा आरोपी के बारे में जानकारी हासिल की। 

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  • Web Title:Arrested after 19 years of murder know what he did to protect for arrest