कांवरियों के लिए अविलंब दुरुस्त करें सड़क व अन्य बुनियादी सुविधाएं: डीएम
लीड पेज 4:::::::::::::::पथ, कांवरिया पथ पर मेडिकल कैंप, पुलिस कैंप, प्रकाश, पेयजल तथा शौचालय की व्यवस्था को हर हाल में शनिवार त

बीहट, निज संवाददाता। श्रद्धालुओं के कांवरिया पथ, कांवरिया पथ पर मेडिकल कैंप, पुलिस कैंप, प्रकाश, पेयजल तथा शौचालय की व्यवस्था को हर हाल में शनिवार तक दुरूस्त कर लिया जाए ताकि पहली सोमवारी के मद्देनजर हरिगिरिधाम में जलाभिषेक के लिए रविवार से आने-जाने वाले कांवरियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। यह निर्देश बेगूसराय जिलाधिकारी ने शुक्रवार को बथौली से लेकर मैदाबभनगामा तक कांवरिया पथ का जायजा लेने के क्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिया।
कांवरिया पथ की व्यवस्था
बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार तथा अंचलाधिकारी हेमंत अंकुर ने बताया कि सिमरिया घाट से लेकर मैदाबभनगामा तक विभिन्न चौक-चौराहों से लेकर अन्य जगहों पर पुलिस व मेडिकल कैंप रहेगा। सभी जगहों पर पेयजल व शौचालय की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। संबंधित पंचायतों एवं बीहट नगर परिषद की ओर से कांवरिया पथ की साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहेगी। बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट को चालू किया जा रहा है तथा जहां प्रकाश की व्यवस्था नहीं है, वहां के मुखिया को प्रकाश की समुचित व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। बीडीओ ने बताया कि रविवार और सोमवार को कांवरिया पथ पर कांवरियों की सुविधा को लेकर सारी व्यवस्था रहेगी। मौके पर एडीएम बृजकिशोर चौधरी, एसडीओ अश्विनी कुमार, डीडीसी आकाश चौधरी समेत लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
हरिगिरिधाम में श्रावणी मेला
बाबा हरिगिरिधाम में श्रावणी मेला की व्यवस्था का एडीएम ने लिया जायजा गढ़पुरा, एक संवाददाता। एडीएम सह बाबा हरिगिरिधाम के नोडल अधिकारी महेश्वर प्रसाद सिंह सिमरिया धाम से कांवरिया पथ का जायजा लेते हुए शुक्रवार को बाबा हरिगिरिधाम पहुंचे एवं यहां श्रावणी मेला की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने धाम समिति के अध्यक्ष सह बखरी एसडीएम को कई निर्देश दिए। साथ ही, स्थानीय मुखिया और सरपंच और मेला समिति के सदस्यों की नाम और नंबर नोट किया। उन्होंने कहा कि बाबा हरिगिरिधाम जिस पंचायत में पड़ता है, वहां के मुखिया इस मेला को सुंदर बनाने के लिए अपने स्तर से हरसंभव प्रयास करें। वजह यह कि मेला में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ आएगी और इससे संबंधित लोगों को रोजी-रोजगार के अवसर मिलेंगे, लाखों की कमाई भी होगी। इस कमाई से पंचायत को भी फायदा होगा। इसके बाद बाबा हरिगिरिधाम की तरफ आने वाले हरसाईन कांवरिया पथ से बाबा हरिगिरिधाम धाम तक कहां-कहां शौचालय और पेयजल की व्यवस्था रहेगी, इस बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान समिति के सचिव विकास सिंघानिया, सदस्य दीपांशु सिंह आदि उपस्थित थे।
सावन माह में भक्तिमय वातावरण
हर हर महादेव के जयकारे से गूंज रहा हरिगिरिधाम सावन माह शुरु होते ही बाबा हरिगिरिधाम मंदिर परिसर में पूजा करने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। सभी श्रद्धालु सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय जीवन की कामना लेकर यहां पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंच रहे हैं। इस दौरान पूरा वातावरण बोल बम, हर-हर महादेव और बाबा नगरी चलो के जयघोष से भक्तिमय हो उठा है। इसके साथ ही सावन माह शुरू होते ही प्रखंड के अन्य शिव मंदिरों में भी पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।
सावन माह का धार्मिक महत्व
कई दुर्लभ संयोग संग शुरू हुआ पावन महीना सावन गढ़पुरा। भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माने जाने वाले सावन माह में जिले के शिवालय हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठे हैं। मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव चालीसा, भजन-कीर्तन और कांवर यात्रा की शुरूआत हो चुकी है। इस बार सावन महीने में कई दुर्लभ शुभ संयोग बनने से इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। कौरैय निवासी पं. राजेश झा के अनुसार सावन का पहला सोमवार सुकर्मा योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में पड़ेगा। दूसरा सोमवार सोम प्रदोष के विशेष संयोग में रहेगा। तीसरे सोमवार को शिव एवं नाग देवता की संयुक्त आराधना का पुण्य मिलेगा। चौथा और अंतिम सोमवार प्रदोष तिथि के विशेष प्रभाव में रहेगा। इसके अलावा सावन की शुरुआत आयुष्मान योग, श्रवण नक्षत्र और गजकेसरी योग जैसे शुभ संयोगों में होने से पूरे माह की पूजा-अर्चना अत्यंत फलदायी मानी जा रही है।
शिव पूजन के लाभ
शिव पूजन से आध्यात्मिक ऊर्जा का होता है संचार धार्मिक विद्वानों का कहना है कि सावन केवल व्रत और पूजा का महीना नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सेवा, सदाचार और सकारात्मक जीवन का संदेश देता है। नियमित शिव पूजन से मन में धैर्य, संयम, करुणा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। रुद्राभिषेक को विशेष रूप से कष्ट निवारण, मानसिक शांति और पारिवारिक सुख-समृद्धि का साधन माना गया है।
महादेव का अभिषेक
इन वस्तुओं से करें महादेव का अभिषेक पंडित राजेश झा ने बताया कि शिवभक्तों को प्रतिदिन प्रातः स्नान कर गंगाजल, शुद्ध जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। बेलपत्र, धतूरा, आक, भांग, सफेद पुष्प तथा मौसमी फल अर्पित करने का विशेष महत्व है। ॐ नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जप, शिव चालीसा एवं शिवपुराण का पाठ भी अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। जिन लोगों को कालसर्प दोष, पितृ दोष अथवा राहु-केतु संबंधी बाधाएं हैं, उनके लिए भी सावन में शिव आराधना विशेष फलदायी मानी गई है।
पंचक में सावधानी
31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक, बरतें सावधानी हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए पंचक को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार इस अवधि में पहली बार कांवर उठाना या नई लकड़ी से बनाई गई वस्तुएं खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि पंचक में किए गए कुछ कार्यों की पुनरावृत्ति होती है। इसलिए अनुभवी श्रद्धालुओं को छोड़कर नए कांवरियों को इस अवधि में कांवर यात्रा शुरू करने से बचना चाहिए।
सावन में क्या न करें
31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक में पहली बार कांवर न उठाएं। पंचक अवधि में लकड़ी की नई वस्तुएं खरीदने से बचें। पूजा के दौरान तुलसी जल शिवलिंग पर अर्पित न करें। मांस, मदिरा, तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें। शिवलिंग पर हल्दी, सिंदूर या केतकी का फूल अर्पित न करें।
सावन में क्या करें
प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक करें। गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद व शक्कर से रुद्राभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा, आक, भांग, सफेद पुष्प और मौसमी फल अर्पित करें। ॐ नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। सोमवार व्रत रखें और शिव चालीसा व शिवपुराण का पाठ करें।


