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अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमला: फायरिंग के बीच सेना के जवान बोले, घबराओ नहीं हम हैं

सुरक्षा में तैनात जवान

मैं अपने छह साथियों के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन करके लौट रहा था। हमारी कार अनंतनाग से लगभग चार सौ मीटर दूर थी। तभी एकाएक ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज सुनाईं दी। हम सभी लोग सहम गए। तुरंत ट्रैफिक रोक दिया गया, फायरिंग की आवाज हमें सुनाई दे रही थी। हमारी कार के आगे चल रही बस और पीछे की कई गाड़ियों को सेना के जवानों ने घेर लिया। हमारा हौसला बढ़ाते हुए सैनिकों ने कहा, घबराओ नहीं हम लोग हैं आपकी सुरक्षा के लिए। 

हमले के करीब आधे घंटे बाद सेना जवानों ने हमारी कार और बाकी गाड़ियों कों सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया। जवानों ने ही हमें नाश्ता आदि कराया। मेरे साथ अमरोहा जिले के सरिल शर्मा, धर्म ऋषि, मोहित यादव, दीन दयाल गुप्ता और मनीष कपूर हैं। आतंकी हमले की जानकारी मिलते ही हम सभी काफी डर गए थे, लेकिन बाबा अमरनाथ का आशीर्वाद और हमारे सेना के जवानों की हौसलाअफजाई ने हमें हिम्मत दी। इसी बीच हमारे घर वालों के भी फोन आए हमने सभी को अपने कुशल होने की जानकारी दी। 
(जैसा हिन्दुस्तान के अनंत कौशिक को फोन पर बताया)

मुरादाबाद: दिल्ली और वेस्ट यूपी के सभी सेवा शिविर सुरक्षित
अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की वारदात से चारों ओर दहशत है। अमरनाथ यात्रियों की सेवा के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली से करीब सवा सौ कैंप लगे हैं। ये सभी सुरक्षित हैं। अमरनाथ यात्रा के लिए अभी पहले ही जत्थे रवाना हुए हैं। अन्य जत्थों को अगले तीन-चार दिनों में रवाना होना था। अमरनाथ यात्रा पर हर साल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद और दिल्ली के सेवादार कैंप लगाते हैं। यात्री सेवा समिति के पदाधिकारियों के मुताबिक इस वक्त सवा सौ कैंप पहलगाम-शेषनाग से लेकर गुफा तक हैं। यात्रा चूंकि श्रावण पूर्णिमा ( रक्षा बंधन) तक चलती है, इसलिए चरणबद्ध तरीके से सेवादारों की ड्यूटी लगती है। आतंकी हमले की सूचना मिलते ही सेवा शिविरों में पदाधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई। लेकिन कई के फोन नहीं मिले। अमरनाथ यात्री सेवा समिति के प्रधान विनोद ने बताया कि बड़ी मुश्किल से एक पदाधिकारी से बात हो सकी है। सभी सेवा शिविर सुरक्षित हैं।

छह बजे से बारिश, बिजली बंद
चंदनबाड़ी में लगे सेवा शिविर से ललित शर्मा ने बताया कि यहां शाम छह बजे से बिजली बंद है। बारिश हो रही है। हमारे साथ पांच यात्रियों का जत्था मेरठ का है। आसपास सुरक्षा का घेरा नहीं था। लेकिन कुछ देर पहले अचानक सुरक्षा बढा दी गई। बिजली नहीं आने से टीवी भी बंद हैं। मोबाइल मिलने में भी दिक्कत आ रही है। हमारे घर से बात तो हो रही है लेकिन दिक्कत के साथ। सही-सही स्थिति पता नहीं लग रही है। सेवा समिति के पदाधिकारियों के अनुसार अभी पहलगाम, शेषनाग के सेवा शिविरों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

दो बजे रोक दी जाती है यात्रा 
अमरनाथ यात्रा सेवा समिति के पदाधिकारियों के अनुसार शेषनाग से ऊपर दो बजे ही यात्रा रोक दी जाती है। यूं यात्रा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होती है लेकिन इसके बावजूद आतंकी हमला हो गया। सेवा समिति और यात्रियों ने कहा कि अमरनाथ यात्रा और सेवा शिविर जारी रहेंगे। 

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  • Web Title:Army soldiers said between firing, do not panic