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म्यांमार सीमा: सेना प्रमुख ने कहा, ऑपरेशन एक सामान्य कार्रवाई था

Bipin Rawat

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की म्यांमार यात्रा से पहले सेना के विशेष दस्ते ने अरुणाचल प्रदेश में म्यांमार सीमा के निकट उग्रवादियों के खिलाफ सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। इसमें नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन) के खापलांग गुट का एक उग्रवादी मारा गया और एक घायल हो गया। 

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि यह सामान्य ऑपरेशन है, कोई विशेष कार्रवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना इस तरह के ऑपरेशन चलाती रहती है। यह बात उन्होंने गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू से मुलाकात के बाद कही।

सेना ने इससे पहले 2015 में भारत-म्यांमार सीमा के निकट विशेष अभियान चलाया था, जिसमें कई उग्रवादियों के कई शिविर नष्ट हो गए थे तथा कई उग्रवादी मारे गए थे। 

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सेना के सूत्रों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के लांगडिंग जिले में सेना ने उग्रवादी गुट के एक शिविर को कार्रवाई कर नष्ट कर दिया। इस अभियान में एक उग्रवादी मारा गया। सेना ने मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल, एक रेडियो सेट, एक हथगोला और सैकड़ों कारतूस बरामद किए। इसके बाद सेना ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की और इलाके की तलाशी के साथ-साथ अभियान भी चलाया जा रहा है। 
 
इस ऑपरेशन में सेना का एक जवान भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। सेना ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अरुणाचल प्रदेश की सीमा के भीतर ही चलाया गया है और यह अभी जारी है। अरुणाचल प्रदेश में भारत की 500 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा म्यांमार से लगती है।
 

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  • Web Title:Army chief General Bipin Rawat downplays operation in Arunachal Pradesh