आरटीओ में प्रशासनिक अफसर ने झोंका फायर, अलमारी में लगी गोली
हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय में एक प्रशासनिक अधिकारी ने साथी कर्मचारी से विवाद के बाद पिस्टल से गोली चलाई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, पुलिस उसकी तलाश कर रही है। यह विवाद कार्यालय में पटल बदलने को लेकर था, जिससे कर्मचारियों में दहशत फैल गई।

हल्द्वानी। सरकारी दफ्तर में फाइलों और पटल बदलने की खींचतान के बीच मंगलवार को हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय में ऐसा फायर हुआ कि कर्मचारियों की सांसें थम गईं। विभाग में तैनात एक प्रशासनिक अधिकारी ने साथी कर्मचारी से विवाद के बाद कार्यालय के भीतर पिस्टल से गोली चला दी। गोली चालान कार्यालय की अभिलेखों से भरी अलमारी में जा धंसी। सामने बैठे तीन-चार कर्मचारी बाल-बाल बच गए। फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी पद पर तैनात आरोपी कुछ दिन पहले सेवा पटल से दूसरे पटल पर संबद्ध किए जाने से नाराज था। मंगलवार दोपहर इसी मुद्दे को लेकर उसका एक कर्मचारी से विवाद हुआ। स्टाफ ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। बताया जा रहा है कि शाम करीब चार बजे आरोपी पिस्टल लेकर दोबारा कार्यालय पहुंचा और साथी कर्मचारी से कहासुनी के बाद फायर कर दिया。
गोली चलने की आवाज से भगदड़
गोली चलने की आवाज से कार्यालय में भगदड़ मच गई। कर्मचारी और अधिकारी बाहर निकल आए और पुलिस को सूचना दी। एसएचओ मुखानी सुशील जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और वीडियोग्राफी की। पुलिस असलहे के लाइसेंसी होने समेत पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। आरोपी के नशे में होने की बात भी बताई जा रही है।
‘एक फायर मिस हुआ, अगली नहीं होगी’
कर्मचारियों के मुताबिक फायर करने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि ‘आज एक फायर मिस हो गई, आगे नहीं होगी।’ इससे कार्यालय में दहशत और बढ़ गई। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि आरोपी पिस्टल को अक्सर कमर में लटकाकर घूमता था। हालांकि इन दावों की पुलिस जांच कर रही है।
एक माह पहले पिथौरागढ़ से आया था
बताया जा रहा है कि आरोपी इससे पहले पिथौरागढ़ जिले में तैनात था और करीब एक माह पहले नैनीताल जिले में आया था। उसे चालान कार्यालय में तैनाती दी गई थी। बाद में पटल बदलने से वह नाराज बताया जा रहा है। अवकाश को लेकर भी उसके परेशान होने की चर्चा है, जिसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या फायरिंग के बाद वह किसी अधिकारी को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था।
बोले जिम्मेदार :::
“आरटीओ दफ्तर में गोली चलने के कारणों की पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक जांच में दफ्तर के अंदर का ही विवाद सामने आया है। आरोपी को पकड़ने के बाद पूछताछ में पूरा मामला सामने आएगा। असलहा लाइसेंसी था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।”
मनोज कत्याल, एसपी सिटी
“शाम करीब चार बजे आरटीओ विभाग के एक कर्मचारी द्वारा गोली चलाने की सूचना मिली। मामले की पुलिस जांच कर रही है। विभागीय स्तर पर भी संबंधित कार्मिक से लिखित जवाब मांगा जा रहा है। किसी प्रकार के विवाद जैसी बात सामने नहीं आई है।”
डा. गुरदेव सिंह, आरटीओ प्रशासन
सरकारी दफ्तर में ‘पटल’ बना बारूद की वजह?
पटल बदलने से शुरू हुआ विवाद गोली चलने तक पहुंच गया। विभागीय कामकाज में कर्मचारियों की तैनाती और पटल परिवर्तन सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। लेकिन इस मामले ने सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर एक कर्मचारी इतना नाराज कैसे हुआ कि सरकारी कार्यालय में ही हथियार लेकर पहुंच गया। विभागीय स्तर पर विवाद की जानकारी और शिकायतों की निगरानी कितनी प्रभावी थी, इसकी भी पड़ताल जरूरी है।
चंद सेकेंड की देरी होती तो...
गोली सीधे उस अलमारी में लगी, जिसके सामने कई कर्मचारी बैठे थे। निशाना थोड़ा भी इधर-उधर होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फायरिंग के बाद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि आरोपी के पास हथियार कैसे था और कार्यालय में प्रवेश के दौरान किसी स्तर पर उसकी तलाशी या सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं हुई।


