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5 अगस्त, 2020|12:23|IST

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लद्दाख झड़प: भारतीय सेना को निर्देश- चीनी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने को रहें तैयार

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ लद्दाख में हालात पर उच्चस्तरीय बैठक की। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को सूत्रों ने रक्षामंत्री की बैठक के बाद बताया कि सशस्त्र बलों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की सेना के किसी भी प्रकार के आक्रामक रवैए से निपटने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई है।

इसके अलावा भारतीय बलों को पूर्वी लद्दाख और अन्य सेक्टरों में चीन के किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार, चीन के साथ लगती सीमा की रक्षा के लिए भारत अब से अलग सामरिक तरीके अपनाएगा।

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि शीर्ष सैन्य अधिकारियों को जमीनी सीमा, हवाई क्षेत्र और रणनीतिक समुद्री मार्गों में चीन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच चल रहे टकराव ने बीते सोमवार को हिंसक रूप ले लिया था। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ झड़प में भारत के कमांडिंग अधिकारी (कर्नल) समेत 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, जवाबी कार्रवाई में 43 चीनी सैनिक मारे जाने की भी सूचना थी। इसके साथ ही कई गंभीर रूप से घायल हुए। सेना के अनुसार, यह झड़प जवानों के अपनी-अपनी जगहों से पीछे हटने के दौरान हुई थी। हालांकि, दोनों ओर से सैनिकों द्वारा कोई गोलीबारी नहीं की गई थी, लेकिन पत्थर और डंडों से एक-दूसरे पर हमला किया गया था।

संप्रभुता की रक्षा हमारे लिए सर्वोपरि: पीएम मोदी

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक दलों से कहा था कि सेनाओं को यथोचित कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी गई है। उन्होंने कहा, 'हमारी सेनाएं, सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।  भारत, शांति और मित्रता चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है।' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि ऐसे में, हमने जहां एक तरफ सेना को अपने स्तर पर उचित कदम उठाने की छूट दी है, वहीं दूसरी तरफ डिप्लोमैटिक माध्यमों से भी चीन को अपनी बात दो टूक स्पष्ट कर दी है। 

करना चाहता हूं सीमा संघर्ष के समाधान में मदद: ट्रंप

वहीं, भारत-चीन के बीच बढ़ते सीमा पर तनाव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका भारत और चीन के बीच हाल ही में सीमा पर हुईं हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष के समाधान में सहायता करने के लिए तैयार है। 

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  • Web Title:Armed forces given full freedom to deal with any aggressive behaviour by China s PLA along LAC says Sources after defence minister rajnath singh cds meeting