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देशछोटी बचत पर मोदी सरकार ने लिया यूटर्न तो कांग्रेस बोली- सरकार चला रहे हैं या सर्कस?

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Shankar Pandit
Thu, 01 Apr 2021 11:20 AM
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Finance Minister Nirmala Sitharaman,
2 / 2Finance Minister Nirmala Sitharaman,

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम करने के आदेश पर मोदी सरकार ने यूटर्न ले लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि सरकार छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाने के फैसले को वापस लेगी और उन्होंने ब्याज दरों को 31 मार्च को खत्म हुए वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के स्तर पर लाने का आश्वासन दिया। हालांकि, इसके बाद भी कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है और कहा कि आप सरकार चला रहे हैं या सर्कस। जैसे ही वित्त मंत्री ने ट्वीट कर आदेश को वापस लेने की जानकारी दी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट के जरिए हमला बोला।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने दावा किया कि विधानसभा चुनावों के बीत जाने के बाद केंद्र सरकार अपना 'अनर्थशास्त्र फिर से लागू करेगी।' उन्होंने ट्वीट किया, 'कल रात में सरकार ने आमजनों की छोटी बचत वाली स्कीमों की ब्याज दरों में कटौती कर दी थी। आज सुबह जब सरकारी जागी तो उसको पता चला कि अरे ये तो चुनाव का समय है। सुबह उठते ही सारा दोष "ओवरसाइट" (चूक) शब्द पर मढ़ते हुए सरकार ने ये फैसला वापस ले लिया।' प्रियंका ने दावा किया, 'चुनाव है तो पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम भी नहीं बढ़ रहे हैं। एक बार चुनाव जाने दीजिए भाजपा अपना अनर्थशास्त्र फिर से लागू करेगी।'

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, मैडम वित्त मंत्री, आप सरकार चला रही हैं या सर्कस। जब करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाले ऐसे आदेश दिए जा सकते हैं तो अर्थव्यवस्था का कामकाज कैसा होगा इसकी कल्पना की जा सकती है आदेश में सक्षम प्राधिकारी किसे बताया गया है? आपको वित्त मंत्री के पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि चुनाव के डर से मोदी-शाह-निर्मला सरकार ने अपना गरीब व आम आदमी की स्मॉल सेविंग्स की ब्याज दर का निर्णय बदल दिया। धन्यवाद। लेकिन निर्मला जी यह वादा भी कर दीजिए कि चुनाव हो जाने के बाद भी आप फिर से ब्याज दर नहीं घटाएंगी। उन्होंने आगे सवाल किया कि निर्मला जी यह भी हमें बता दें कि किसकी “Oversight” से यह आदेश निकले और ऐसे समय में जब भाजपा लोगों को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है यह आदेश कैसे निकल गया।

दरअसल, छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले लोगों को झटका देते हुए सरकार ने बुधवार को लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) और एनएससी (राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र) समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत तक की कटौती की थी। यह कटौती एक अप्रैल से शुरू 2021-22 की पहली तिमाही के लिये की गयी थी। 

इसके बाद आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया, 'भारत सरकार की छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर वही रहेगी जो 2020-2021 की अंतिम तिमाही में थी, यानी जो दरें मार्च 2021 तक थीं। पहले दिया गया आदेश वापस लिया जाएगा।' वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पीपीएफ पर ब्याज 0.7 प्रतिशत कम कर 6.4 प्रतिशत जबकि एनएससी पर 0.9 प्रतिशत कम कर 5.9 प्रतिशत कर दी गयी थी। लघु बचत योजनाओं पर ब्याज तिमाही आधार पर अधिसूचित की जाती है।

ब्याज में सर्वाधिक 1.1 प्रतिशत की कटौती एक साल की मियादी जमा राशि पर की गयी थी। इस पर ब्याज 5.5 प्रतिशत से कम करके 4.4 प्रतिशत करने का फैसला किया गया था। छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है। पुरानी दरें बहाल होने के बाद पीपीएफ और एनएससी पर क्रमश: 7.1 प्रतिशत और 6.8 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज मिलता रहेगा।

इस तरह सुकन्या समृद्धि योजना के लिए 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा, जबकि पहले इसे घटाकर 6.9 प्रतिशत करने की बात कही गई थी। पांच वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के लिए ब्याज दर 7.4 प्रतिशत पर बरकरार रखी जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों की योजना पर ब्याज का भुगतान त्रैमासिक आधार पर किया जाता है। बचत जमा पर ब्याज दर चार प्रतिशत होगी, जबकि इसे घटाकर 3.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव था। 

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