दादी बोलीं, मां-बेटी को भी मिलनी चाहिए सजा
मासूम आरव की याद में रो पड़ीं दादी, बोलीं मां-बेटी को भी मिलनी चाहिए समासूम आरव की याद में रो पड़ीं दादी, बोलीं मां-बेटी को भी मिलनी चाहिए समासूम आरव

बदायूं। आरव की दादी सीमा शर्मा का कहना है कि आरव की हत्या उसकी मां और नानी की वजह से हुई है। आरव की नानी ने ही उनका घर बिगाड़ा, वह उनके बेटे सुमित की पत्नी को यहां से बच्चे समेत न ले जातीं तो उसकी हत्या नहीं होती। रोते हुए दादी का दर्द छलका और बोलीं आरव हमारे घर आंगन में चहकता था। उनके घर में सिर्फ तीन बेटे हैं। ऐसे में आरव पैदा हुआ तो घर आंगन छोटे बच्चे की वजह से चहकता था। ऐसे में उसकी नानी उसकी मां को यहां से ले गईं और मासूम आरव को भी यहां नहीं छोड़ा। दादी का कहना है कि कातिल विराज को फांसी की सजा सुनाई गई है इससे कुछ सुकून मिला है, लेकिन उसके साथ आरव की मां और नानी को भी सजा मिलनी चाहिए।
आरव के पिता का बयान
आरव के पिता सुमित और कातिल विराज के बीच नहीं था कोई रिश्ता
मौत के घाट उतारे गए मासूम आरव के कातिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद आरव के पिता सुमित से उनके और कातिल के रिश्तों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने रिश्ते की बात को सिरे से नकार दिया। आरव के पिता ने कहा कि कातिल विराज या फिर उसके परिवार से उनका कोई रिश्ता नहीं है। मुहल्लेबस्ती के रिश्ते हर जगह होते हैं इसी तरह से उसको हमसे जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि कातिल विराज कभी उनके घर नहीं आया था। उनसे पत्नी की अनबन हुई और वह यहां से घर छोड़कर अपने मायके चली गई थी, इसके बाद से ही कातिल विराज उसकी जाने लगा और उसने उनके बेटे को हमेशा के लिए छीन लिया।


