प्रदेश में चार नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

हिन्दुस्तान, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश में चार नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें 333 किमी लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे और 117 किमी लंबा विंध्य पूर्वांचल स्पर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए दो लिंक परियोजनाएं भी स्वीकृत हुई हैं।

प्रदेश में चार नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

प्रदेश में चार नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी प्रयागराज से सोनभद्र तक 333 किमी. लंबा विंध्य एक्सप्रेस वे बनेगा

विंध्य पूर्वांचल स्पर लिंक की मंजूरी

गाजीपुर से चुनार तक 117 किमी. विंध्य पूर्वांचल स्पर लिंक एक्सप्रेस को मंजूरी

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लिंक परियोजनाएं

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए दो लिंक परियोजनाओं को हरी झंडी

प्रदेश में बनेगा मजबूत एक्सप्रेसवे ग्रिड, उद्योग, निवेश, रोजगार और तेज आवागमन को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ। विशेष संवाददाता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट ने 333 किमी लंबे विंध्य एक्सप्रेस वे और 117 किमी. विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस वे के एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी। साथ ही लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे को पूर्वांचल तथा गंगा एक्सप्रेस वे से जोड़ने वाली दो लिंक परियोजनाओं के लिए संशोधित एवं अंतिम प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई है। सभी एक्सप्रेस वे व लिंक एक्सप्रेस वे छह लेन के होंगे तथा आगे चलकर इन्हें 8 लेन का बनाया जा सकेगा। इस पर औसत स्पीड 120 किमी. होगी.

प्रयागराज से सोनभद्र तक 333 किमी का बनेगा

कैबिनेट ने छह लेन के विंध्य एक्सप्रेसवे ग्रीनफील्ड मार्ग को मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 26,315 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना के तहत प्रयागराज, भदोही (ज्ञानपुर), मिर्जापुर और सोनभद्र को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। यह एक्सप्रेस वे प्रयागराज जिले के जूदापुर दांडू से शुरू होगा और भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र के राबर्ट्सगंज, रेनूकूट होते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा पिपरसंड बभवरी में मिलेगा। जूदापुर में ही गंगा एक्सप्रेस समाप्त होता है। इसकी लंबाई 333 किमी होगी। इस पर कुल 9.52 किमी की तीन टनल (सुरंग) बनाई जाएगी। सात रेलवे ओवरब्रिज, मिर्जापुर में गंगा, सोनभद्र (चोपन) सोन नदी तथा डाला में सोन की सहायक नदी पर पुल बनाया जाएगा। एक्सप्रेव कुल 317 गांवों के किनारे से गुजरेगा। एक्सप्रेस वे बन जाने से मेरठ सीधे छत्तीसगढ़ की सीमा से जुड़ जाएगा.

पूर्वांचल और विंध्य एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा

इसके अलावा विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (विकल्प-1) को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। लगभग 9,039 करोड़ रुपये की लागत वाली यह योजना गाजीपुर, चंदौली और मिर्जापुर जिले को आपस में जोड़ेगी। 177 किमी लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक गाजीपुर में सैयदासपुर पखनपुरा गांव से शुरू होगा और चंदौली होते हुए मिर्जापुर में चुनार के रानीपुर गांव पर समाप्त होगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे गाजीपुर में पखनपुरा गांव पर ही समाप्त होता है। भविष्य में यह विंध्य एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगा। इस तरह गंगा एक्सप्रेस वे, विंध्य एक्सप्रेस वे, विंध्य पूर्वांचल स्पर लिंक तथा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे जुड़कर एक्सप्रेस वे का ग्रिड बन जाएगा। पश्चिमांचल, पूर्वांचल के जिलों के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य को भी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। गाजीपुर के गहमर के पास गंगा पर एक पुल बनेगा तथा दो आरओबी बनाए जाएंगे। सीधे तौर पर कुल 147 गांव प्रभावित होंगे.

जुड़ जाएगा आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक 50.98 किलोमीटर लंबे छह लेन के ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मॉडल पर किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 4,775.84 करोड़ रुपये है। यह आगरा एक्सप्रेस के किमी 294 से शुरू होगा तथा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किमी 6 पर समाप्त होगा। यह लखनऊ-कानपुर तथा रायबरेली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को क्रास करेगा.

आगरा एक्सप्रेस वे से कनेक्ट होगा गंगा एक्सप्रेस वे

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 90.84 किलोमीटर लंबे छह लेन (आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण 7,488.74 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। दोनों लिंक एक्सप्रेस बन जाने से आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल तथा गंगा एक्सप्रेस वे आपस में कनेक्ट होकर ग्रिड बन जाएंगे.

कैबिनेट की मंजूरी के बाद दोनों परियोजनाओं के लिए विकासकर्ता के चयन की निविदा प्रक्रिया शुरू होगी। चयनित एजेंसी को लगभग 36 माह में निर्माण कार्य पूरा करना होगा, जबकि इसके बाद पांच वर्षों तक अनुरक्षण (मेंटीनेंस) की जिम्मेदारी भी उसी की होगी। सरकार का उद्देश्य आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक मजबूत एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार करना है। इससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होगी। साथ ही समय और ईंधन की बचत के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विंध्य एक्सप्रेसवे की लंबाई कितनी है?
विंध्य एक्सप्रेसवे की लंबाई 333 किमी है।

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