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सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

1986 बैच के ओड़िशा काडर के आईपीएस अधिकारी हैं नागेश्वर राव

सीबीआई के अंतरिम निदेशक के रूप में एम. नागेश्वर राव की नियुक्ति को चुनौती देते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई। गैर सरकारी संगठन ‘कामन कॉज’ ने यह जनहित याचिका दायर की है और इसमें सीबीआई के अंतरिम निदेशक के रूप में एम. नागेश्वर राव की नियुक्ति निरस्त करने का आग्रह किया गया है। अधिवक्ता प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर इस याचिका में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना कानून- 1946 की धारा 4 ए के तहत लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 में किए गए संशोधन में प्रतिपादित प्रक्रिया के अनुसार केंद्र को जांच एजेंसी का नियमित निदेशक नियुक्त करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। 

याचिका में आरोप 
नागेश्वर राव की नियुक्ति उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति की सिफारिश के आधार पर नहीं की गई है। याचिका के अनुसार वास्तव में नागेश्वर राव की नियुक्ति के मामले में इस समिति को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है और इस तरह से यह नियुक्ति गैरकानूनी तथा कानून में प्रतिपादित प्रक्रिया के विपरीत है।

नियुक्ति मनमाना और गैरकानूनी
याचिका के अनुसार, नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त करने का सरकार का पिछले साल 23 अक्टूबर का आदेश शीर्ष अदालत ने निरस्त कर दिया था। लेकिन सरकार ने मनमाने, गैरकानूनी और दुर्भावनापूर्ण तरीके से कदम उठाते हुए पुन: यह नियुक्ति कर दी।

कोर्ट से अनुरोध 
याचिका में दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान कानून, 1946 की धारा 4ए के तहत लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 में किए गए संशोधन में प्रतिपादित प्रक्रिया के अनुसार केंद्र को जांच ब्यूरो का नियमित निदेशक नियुक्त करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। 

- 10 जनवरी को आलोक वर्मा को जांच एजेंसी के निदेशक पद से हटाए जाने के बाद सरकार ने नए निदेशक की नियुक्ति होने तक एम. नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त किया है। 
- 23 अक्तूबर, 2018 को सरकार ने आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को अवकाश पर भेजते समय एल. नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक बनाया था।
- 08 जनवरी, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त करने का सरकार का आदेश निरस्त कर दिया था। 
- एम. नागेश्वर राव ओडिशा कैडर के 1986 बैच आईपीएस अफसर हैं। इससे पहले वह सीबीआई में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के हैं।
- 1996 में राव ने एक रेप केस में डीएनए फिंगर प्रिंट तकनीक का इस्तेमाल कर आरोपी को सजा दिलाकर खासे चर्चित हुए थे। 
- सीआरपीएफ में आईजी के पद पर रहते हुए कई नक्सल विरोधी अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुके हैं। 
- ओडिशा और आंध्र में चक्रवाती तूफान ‘फैलिन’ और ‘हुदहुद’ में उनका काम सराहा गया था। 

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  • Web Title:Appointment of M Nageswar Rao as interim CBI Director challenged in Supreme Court