अपोलो अस्पताल, पांच निदेशकों के खिलाफ फेमा जांच बंद: ईडी
अपोलो हॉस्पिटल्स नेटवर्क और उसके पांच निदेशकों के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) उल्लंघन का मामला बंद कर दिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने समझौता आदेश जारी किया और कारोबारी समूह ने 17.76 करोड़ रुपये का भुगतान किया। ईडी की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।

अपोलो हॉस्पिटल्स नेटवर्क और उसके पांच निदेशकों के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) उल्लंघन का मामला बंद कर दिया गया। यह मामला भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा ‘समझौता आदेश’ जारी किए जाने और कारोबारी समूह द्वारा एकमुश्त 17.76 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान करने के बाद बंद किया गया। इसके अलावा, कार्यकारी अधिकारियों ने 18-18 लाख रुपये का भुगतान भी किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को एक बयान में कहा कि जांच के बाद फेमा के तहत सुनवाई के लिए तय किए गए कथित चार उल्लंघनों की कुल रकम 2,424 करोड़ रुपये से अधिक थी। एजेंसी ने बताया कि आरबीआई ने अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज लिमिटेड और उससे जुड़े पांच निदेशकों/अधिकारियों - प्रीता रेड्डी, सुनीता रेड्डी, एस के वेंकटरमन, अखिलेश्वरन कृष्णन और एस एम कृष्णन के मामले में फेमा की धारा 15 के तहत समझौता आदेश जारी किया है।
इस आदेश के बाद फेमा के तहत कंपनी के खिलाफ जारी सभी न्यायिक कार्रवाइयां समाप्त कर दी गई हैं और आगे किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या मुकदमा नहीं होगा। ईडी से ‘कोई आपत्ति नहीं’ मिलने के बाद आरबीआई ने यह आदेश जारी किया।
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