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22 फरवरी, 2020|8:04|IST

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उत्तर प्रदेश में CAA को लेकर हुई हिंसा में ED का दावा, PFI ने 73 खातों में की 120 करोड़ से ज्यादा की लेन-देन

anti caa protest in up  file photo

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पता चला है कि उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों का केरल के संगठन पीएफआई के साथ आर्थिक लेन-देन था। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत 2018 से जांच कर रहे ईडी ने पता लगाया है कि संसद में पिछले साल कानून पारित होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक बैंक खातों में कम-से-कम 120 करोड़ रुपये जमा किए गए। इन प्रदर्शनों के दौरान करीब 20 लोगों की मौत हो गई थी।
    
सूत्रों ने ईडी की जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के हवाले से कहा कि शक है और आरोप हैं कि पीएफआई से जुड़े लोगों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सीएए विरोधी प्रदर्शनों को प्रोत्साहित करने के लिए इस पैसे का इस्तेमाल किया। ईडी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ इन निष्कर्षों को साझा किया है। मंत्रालय को भेजे नोट में ईडी ने बताया है कि पीएफआई से जुड़े 73 बैंक खातों के बीच 120 करोड़ रुपये से ज्यादा की लेन-देन हुई। देश के कुछ दिग्गज वकीलों के खातों में भी लाखों रुपये ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। 

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले दिनों पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे कुछ दिन पहले ही सीएए के खिलाफ राज्य में हुए हिंसक प्रदर्शनों में उसकी संदिग्ध संलिप्तता की बात सामने आई थी। ईडी के सूत्रों ने बताया कि बैंक खातों में जमा किया गया धन कुछ विदेशी स्रोतों से भी आया और कुछ निवेश कंपनियों के खातों में भेजा गया। ईडी के नोट के मुताबिक जांच के दौरान जिन 73 खातों के बारे में पता चला है, जिनसे पीएफआई के 27 और इससे संबंधित इकाई रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ) के नौ और 17 अलग-अलग बैंकों में संबंधित व्यक्तियों/इकाइयों के 37 एकाउंट में पैसे जमा कराए गए हैं। 

ईडी को जांच में पता चला है कि 73 बैंक खातों में करीब 120.5 करोड़ जमा किए गए हैं, जो प्रदर्शन वाले या उससे दो से तीन दिनों के भीतर इन बैंक खातों में बहुत मामूली राशि छोड़कर निकाल लिए गए थे। इन बैंक खातों में कैश, आरटीजीएस/एनएफटी और आईएमपीएस द्वारा जमा किए गए है। ईडी ने बताया है कि इन खातों में चेक के जरिए ही लेन देन हुए है। 

पीएफआई के दिल्ली के नेहरू प्लेस स्थित सिंडिकेट बैंक के खातों में जमा हुए पैसों की जांच के दौरान पश्चिमी यूपी के जिलों जैसे बहराइच, बिजनौर, हापुड़, शामली, डासना आदि में कई बार कैश पकड़े जाने पर इस पूरे षड़यंत्र का खुलासा हुआ। इन बैंक खातों में कैश 41 करोड़ 50 लाख जमा किए गए थे। वहीं पीएफआई के 27 बैंक खातों में ज्यादातर कैश ही जमा किया गया जो कुल जमा राशि का लगभग पचास प्रतिशत है। इन खातों 59 करोड़ में से 27 करोड़ रुपये कैश में जमा किए गए थे। 

ईडी के मुताबिक, जब कोझीकोड मावूर रोड स्थित सिंडिकेट बैंक में पीएफआई के एकाउंट नंबर 44051010004277 की जांच की तो पता चला कि कई नामी लोगों और संस्थाओं ने इसमें पैसा डाला है। जांच के दौरान पता चला कि पीएफआई ने न्यू जोठी ग्रुप को एक करोड़ 17 लाख रुपये का भुगतान किया जो तमिलनाडु में रजिस्ट्रर फर्म है जिसकी देशभर में कई शाखाएं हैं और यह प्लास्टिक/बैग के बिनेस में लगी हुई है। ईडी के मुताबिक, पीएफआई और न्यू जोठी ग्रुप दो अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं इसलिए इन दोनों के लेनदेन की सक्रिय जांच की गई है। 

जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि पीएफआई की संबंधित इकाई मैसर्स रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ) के बैंक खाते में मैसर्स पीएमए इंटरनेशनल एलएलसी दुबई से 20 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। मैसर्स पीएमए इंटरनेशनल एलएलसी, दुबई के फंड के स्त्रोत एवं व्यावसायिक गातिविधियों की प्रकृति के संबंधा में जांच जारी है। 

खुफिया इनपुट के अनुसार, पीएफआई थानल फाउंडेशन द्वारा सक्रिय रूप से समर्थित है जो पीएफआई नेता द्वारा संचालित एक धार्मिक और धर्मार्थ ट्रस्ट है। थानल फाउंडेशन के वित्त के स्त्रोत की जां की जा रही है।

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  • Web Title:Anti-CAA protests direct link between Popular Front of India More than 120 crores deposited in 73 accounts linked to PFI: Enforcement Directorate