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Pune Car Crash: पुणे के पोर्श केस में सामने आई डॉक्टरों की करतूत, ब्लड सैंपल में किया बड़ा झोल

पुलिस ने यह भी बताया है कि अब तक आरोपियों से 3 लाख रुपये बरामद हो चुके हैं। इनमें 50 हजार रुपये घाटकाम्बले और 2.5 लाख रुपये हलनोर से मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी।

Pune Car Crash: पुणे के पोर्श केस में सामने आई डॉक्टरों की करतूत, ब्लड सैंपल में किया बड़ा झोल
Nisarg Dixitलाइव हिन्दुस्तान,पुणेFri, 31 May 2024 07:21 AM
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Pune Porsche: पुणे के पोर्श कांड में हर रोज नए खुलासे जारी हैं। अब खबरें हैं कि अस्पताल में नाबालिग आरोपी का ब्लड सैंपल ऐसे स्थान पर लिया गया था, जहां तक CCTV की पहुंच ही नहीं है। इससे पहले खबरें आई थीं कि डॉक्टरों ने नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल को उसकी मां के रक्त नमूनों से बदल दिया था। हालांकि, इसपर पुलिस ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। कहा यह भी जा रहा है कि कार में मौजूद आरोपी के दोस्तों के भी बल्ड सैंपल अन्य लोगों से बदले गए हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जांच कर रही पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट के सामने कई जानकारियां पेश की। पुलिस ने बताया है कि आरोपी के सैंपल को ऐसी जगह पर एकत्र किया गया, जहां CCTV कैमरा नहीं देख सकता है। एसीपी सुनील तांबे ने ससून अस्पताल के पूर्व फॉरेंसिक प्रमुख डॉक्टर तावड़े, डॉक्टर श्रीहरि हरनोल और कर्मचारी अतुल घाटकाम्बले को कोर्ट के सामने पेश किया। उन्होंने तीनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, जिसमें अदालत ने 5 जून तक का विस्तार किया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, तांबे ने कोर्ट को बताया है कि जिस सिरिंज से नाबालिग का ब्लड सैंपल लिया गया था, उसे डस्टबिन में नहीं फेंका गया था। बल्कि, उसे किसी और को दिया गया था, जिसकी पहचान करना अभी बाकी है। अभियोजन पक्ष के वकील नितिन कोंगे ने कोर्ट से कहा कि जानबूझकर ब्लड सैंपल ससून अस्पताल में लिए गए थे, जहां सीसीटीवी कवरेज नहीं है।

लाखों रुपये हुए बरामद
पुलिस ने यह भी बताया है कि अब तक आरोपियों से 3 लाख रुपये बरामद हो चुके हैं। इनमें 50 हजार रुपये घाटकाम्बले और 2.5 लाख रुपये हलनोर से मिले हैं। अखबार के अनुसार, एसीपी ने बताया है, 'आरोपियों के बीच और अन्य लोगों के साथ कई WhatsApp और रेग्युलर कॉल हुए हैं। हमें इस अपराध में शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है और उसके लिए कस्टडी में पूछताछ की जरूरत है। हमें प्रॉपर्टी की भी पहचान करना है, जो आरोपियों ने भ्रष्ट कामों में शामिल होकर जुटाई है।'

क्या बोला बचाव पक्ष
बचाव पक्ष के वकीलों ने आरोपियों की आगे पुलिस कस्टडी का भी विरोध किया। उनका कहना है कि डॉक्टर तावड़े मौके पर मौजूद नहीं ते और सहकर्मी (डॉक्टर हरनोल) के साथ फोन पर बातचीत सामान्य है, क्योंकि दोनों साथ काम करते हैं। अखबार के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि नाबालिग आरोपी के दो दोस्तों के ब्लड सैंपल को भी अन्य लोगों से बदल दिया गया था। पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया कि वे आरोपियों और नाबालिग के पिता का आमना-सामना कराना चाहते हैं।