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चुनाव से पहले प्रधानमंत्री प्रत्याशी की घोषणा गैरजरूरी : विपक्षी दल

राहुल गांधी एमके स्टालिन(पीटीआई फोटो)

राहुल गांधी को विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करने के द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के प्रस्ताव पर विपक्षी दलों ने अनुकूल प्रतिक्रिया नहीं दी है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि समय से पहले ऐसा कदम विपक्षी खेमे को बांटेगा। एनसीपी ने कहा कि इस मुद्दे पर अभी बहस करने की जरूरत नहीं है। जबकि वामदलों ने कहा कि चुनाव से पहले ऐसी घोषणा गैरजरूरी है। 

ममता बनर्जी की पार्टी, तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने सोमवार को कहा, आम चुनाव के नतीजे आने के बाद ही प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी का नाम तय होना चाहिए। यह न सिर्फ तृणमूल बल्कि अन्य विपक्षी पार्टियों का भी विचार है। अभी कोई भी फैसला समय पूर्व होगा। यह विपक्षी खेमे को बांट सकता है। 

शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, कांग्रेस ने खुद घोषणा की है कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही प्रधानमंत्री उम्मीदवार पर फैसला होगा। इसलिए अभी इस पर बहस करने का कोई औचित्य नहीं है। सभी पार्टियां चुनाव के बाद फैसला करेंगी।

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने सोमवार को कहा, लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करना विपक्षी दलों का साझा लक्ष्य है। इसके लिए सभी विपक्षी पार्टियों की एकजुटता पहली जरूरत है।  इसके लिए चुनाव के पहले प्रधानमंत्री पद के चहरे की घोषणा करना जरूरी नहीं है। भाकपा के महासचिव एस. सुधाकर रेड्डी ने भी कहा कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के चेहरे की घोषणा विपक्षी एकजुटता के लिए नुकसानदायक होगी।

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  • Web Title:announcement of Prime Minister candidate before election is not necessary says Opposition parties