व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही को एनसीएलटी में चुनौती दी
उद्योगपति अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही को एनसीएलएटी में चुनौती दी है। यह कार्यवाही भारतीय स्टेट बैंक द्वारा दायर याचिका पर आधारित है। एनसीएलटी ने अंबानी के खिलाफ कार्यवाही की अपील स्वीकार की थी। मामला रिलायंस कंपनियों द्वारा ऋण के भुगतान में चूक से जुड़ा है।

नई दिल्ली, एजेंसी। उद्योगपति अनिल अंबानी ने अपने खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में चुनौती दी है। यह कार्यवाही भारतीय स्टेट बैंक की ओर से दायर याचिका के आधार पर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने शुरू की थी। एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने 11 जून को भारतीय स्टेट बैंक की उस याचिका को स्वीकार कर लिया था, जिसमें अंबानी के खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही की अपील की गई थी। यह मामला उनकी समूह कंपनियों रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस इन्फ्राटेल लिमिटेड द्वारा ऋण के भुगतान में चूक से जुड़ा है। अनिल अंबानी इन ऋणों के लिए व्यक्तिगत गारंटर (जमानतदार) थे。
सुनवाई की प्रक्रिया
अंबानी की अपील पर न्यायमूर्ति मोहम्मद फैज आलम खान और बरुण मित्रा की दो सदस्यीय पीठ के समक्ष सुनवाई हुई, लेकिन उनके अधिवक्ता के अनुरोध पर मामले को आगे के लिए टाल दिया गया।
आदेश की जानकारी
एनसीएलएटी के 24 जून, 2026 के आदेश में कहा गया, 'अपीलकर्ता के अधिवक्ता के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए, इस मामले को 10 जुलाई, 2026 को न्यायालय के सामने सूचीबद्ध किया जाए।'
बैंक का दावा
भारतीय स्टेट बैंक ने दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता की धारा 95 के तहत आवेदन दायर किया था, जो लेनदारों को कर्जदारों और व्यक्तिगत गारंटर के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देता है। बैंक ने दावा किया कि एक marzo 2019 तक लगभग 853.25 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था, जो अंबानी द्वारा दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़ा है।


