जिला महिला अस्पताल में एनेमिक मरीजों में गिरावट
फतेहपुर। जिला महिला अस्पताल में एनीमिया नियंत्रण के प्रयासों के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। जून में सिर्फ चार महिलाएं गंभीर एनीमिया से पीड़ित पाई गईं। गर्भवती महिलाओं की जांच के दौरान खून की कमी पाई जाती है और उन्हें आयरन व फोलिक एसिड की दवा दी जाती है।
फतेहपुर। जिला महिला अस्पताल में एनीमिया नियंत्रण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जून माह में जांच के दौरान सिर्फ चार महिलाएं ही गंभीर एनीमिया से पीड़ित पाई गईं। पहले की तुलना में यह संख्या काफी कम है, जिसे डाक्टर और स्वास्थ्य विभाग बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच के दौरान हीमोग्लोबिन की जांच की जा रही है। जिन महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है उन्हें आयरन व फोलिक एसिड की दवा उपलब्ध कराने के साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डाक्टरों की निगरानी में उनका उपचार भी किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं को एनीमिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है। गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, समय पर दवा लेने और पोषण पर विशेष ध्यान देने से गंभीर एनीमिया के मामलों में लगातार कमी आई है。
क्या करें...
-आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां डाक्टर की सलाह पर लें
-हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, चना, गुड़, अनार और मौसमी फल नियमित खाएं
-गर्भावस्था में समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जांच कराएं
-भोजन के साथ विटामिन-सी वाले फल लें
क्या न करें...
-आयरन की दवा बिना सलाह के बीच में बंद न करें
-भोजन के तुरंत बाद चाय या काफी पीने से बचें
-कमजोरी, चक्कर या थकान को नजरअंदाज न करें
-गर्भावस्था में नियमित जांच और डाक्टर की सलाह लेने में लापरवाही न बरतें
कोट...
एनीमिया में कमी आने से गर्भावस्था और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं का खतरा भी घटा है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जिले में एनीमिया को और कम कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
डा. राजेश कुमार,सीएमएस


