यूसीसी पर केंद्र के साथ है टीडीपी: पी. श्रीनिवास राव
--माकपा ने भाजपा पर ध्यान भटकाने का अरोप लगाया --मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संसद में

अमरावती/श्रीनगर/मुंबई, एजेंसी। टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष पी. श्रीनिवास राव ने मंगलवार को कहा कि एनडीए सहयोगी के तौर पर आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर केंद्र सरकार के साथ है। पी. श्रीनिवास राव ने कहा कि मैंने यूसीसी पर केंद्रीय गृह मंत्री का बयान देखा है और एनडीए सहयोगी के तौर पर हम उनके बयान को मानने के लिए बाध्य हैं। उन्होंने कहा कि हम हमेशा मानते हैं कि यूसीसी देश को मजबूत और एकजुट करेगा।
भाजपा पर लगाया आरोप
इस बीच, माकपा के राज्य सचिव वी. श्रीनिवास राव ने दावा किया कि भाजपा देश का ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी की राजनीति का सहारा ले रही है, क्योंकि उसे जेन-जी, बेरोजगारी और अन्य कारणों से दबाव का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा पर लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने का आरोप लगाते हुए श्रीनिवास राव ने कहा कि संविधान के निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर द्वारा परिकल्पित यूसीसी संविधान सभा की बहसों के दौरान पूरी तरह से अलग था। उन्होंने कहा कि असल में, हम समानता वाले सिविल कोड की मांग कर रहे हैं, जो यूसीसी के बिल्कुल विपरीत है。
उमर ने भाजपा को घेरा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि अगर भाजपा के पास समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल पास कराने के लिए जरूरी नंबर हैं, तो उसे अलग-अलग राज्यों के जरिए आगे बढ़ाने के बजाय संसद में पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप इसे अलग-अलग राज्यों के जरिए क्यों कर रहे हैं? वैसे भी, उनके अपने एनडीए में भी हर कोई इससे सहमत नहीं है। अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा को यूसीसी पिछले दरवाजे से नहीं लाना चाहिए। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव कम करने के कदम पर अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक स्वागत योग्य कदम है।
एनसीपी का रुख साफ करने की मांग
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता इदरीस नाइकवाड़ी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी से यूसीसी पर अपना रुख साफ करने को कहा है। नाइकवाड़ी कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर पार्टी प्रमुख और महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार और राज्य एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे को पत्र लिखा था। नाइकवाड़ी पार्टी के दो मुस्लिम विधायकों में से एक हैं। भाजपा की सहयोगी एनसीपी ने अभी तक इस मुद्दे पर अपना रुख साफ नहीं किया है।


