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खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की चुनावी जीत पर गांव में अखंड पाठ शुरू, जश्न न मनाने का फैसला

खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह ने जेल में रहते हुए पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट से चुनाव जीत लिया है। जीत के बाद उसके माता-पिता ने गांव में अखंड पाठ शुरू कर दिया है। कहा है कि कोई जश्न नहीं मनेगा।

खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की चुनावी जीत पर गांव में अखंड पाठ शुरू, जश्न न मनाने का फैसला
amritpal singh
Gaurav Kalaलाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Wed, 05 Jun 2024 01:04 PM
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लोकसभा चुनाव 2024 में कई सीटों पर भारी उलटफेर देखने को मिले। कट्टरपंथी खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह खडूर साहिब लोकसभा सीट से चुनाव जीत गया है। इस वक्त वो नेशनल सिक्योरिटी एक्ट में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। अमृतपाल सिंह की जीत के बाद उसके गांव में लोग काफी खुश हैं लेकिन, जश्न नहीं मनाया जा रहा। अमृतपाल के माता-पिता ने घर पर अखंड पाठ का जाप शुरू कर दिया है। उन्होंने बेटे की चुनाव में जीत पर बेहद खुशी जताई और लोगों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि वे गुरुवार 6 जून को अखंड पाठ का भोग लगने के बाद बेटे की रिहाई के प्रयास तेज करेंगे।

खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की जीत के बाद उसके माता-पिता बलविंदर कौर व तरसेम सिंह ने घर पर अखंड पाठ शुरू करवा दिया है। अमृतपाल की मां बलविंदर कौर ने कहा कि 6 जून को इसका भोग पड़ने के बाद अमृतपाल की रिहाई का प्रयास शुरू हो जाएगा। उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि कोई खुशी न मनाई जाए। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने ब्लू स्टार ऑपरेशन की बरसी को देखते हुए खुशी न मनाने को कहा है। उनका आदेश मानते हुए कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया है। ब्लू स्टार ऑपरेशन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अखंड पाठ का भोग रखा गया है, जिसका भोग 6 जून को डाला जाएगा। 

अमृतपाल की जीत पर गांव में जश्न नहीं
अमृतपाल सिंह की मां बलविंदर कौर ने कहा कि मैं इस जीत पर समर्थकों का धन्यवाद करना चाहूंगी। हम सभी धर्मों का सत्कार करते हैं। सभी ने धर्म से ऊपर उठ समर्थन दिया। धर्म को एक तरफ रख सभी धर्म के लोगों ने अमृतपाल का प्रचार किया। अमृतपाल को उन इलाकों से भी बढ़त मिली, जहां दूसरे धर्मों के लोग अधिक थे। हम सभी धर्मों को चाहते हैं। अमृतपाल खुद सभी धर्मों का सत्कार करते हैं।

सरकार से बेटे की रिहाई की अपील करेंगे
अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि 25 मई को मेरी उससे बात हुई थी। जीत का पता अमृतपाल को चल गया होगा। जेल वाले भी इतनी जानकारी पहुंचा ही देते हैं। सरकार से अपील है कि उन्हें जल्द से जल्द छोड़ा जाए, ताकि वे यहां आकर अगुवाई कर सकें। वे युवाओं को नशे से दूर कर सकें। अन्य पंजाब के मुद्दों को उठाएं और उनका हल किया जाए।

जेल से ही भरा था नामांकन 
वारिस पंजाब दे संगठन प्रमुख अमृतपाल सिंह ने खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। अमृतपाल नेशनल सिक्योरिटी एक्ट में डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। उसने जेल से ही अपना नामांकन भरा था। अमृतपाल सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार कुलदीप सिंह जीरा को 1,97,120 वोटों से हराकर सीट पर जीत हासिल की। अमृतपाल सिंह को 4,04,430 वोट मिले, जबकि जीरा को 2,07,310 वोट मिले। आम आदमी पार्टी के लालजीत सिंह भुल्लर 1,94,836 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। अमृतपाल अमृतसर के गांव जल्लुपुर खेड़ा का रहने वाला है। 

रिपोर्ट: मोनी देवी