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सिमरनजीत, अमृतपाल और सरबजीत... पंजाब में बेखौफ चुनाव लड़ रहे कई खालिस्तान समर्थक

पंजाब में अमृतपाल सिंह, सिमरनजीत सिंह मान और संदीप सिंह समेत कई खालिस्तान समर्थक चुनावी समर में उतर रहे हैं। इन लोगों ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। सरबजीत सिंह तो इंदिरा गांधी के हत्यारे का बेटा है।

सिमरनजीत, अमृतपाल और सरबजीत... पंजाब में बेखौफ चुनाव लड़ रहे कई खालिस्तान समर्थक
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली अमृतसरMon, 06 May 2024 05:05 PM
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पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए सबसे आखिरी चरण में 1 जून को मतदान होना है। इस पहले भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अकाली दल ने कमर कसना शुरू कर दिया है। यही नहीं इन मुख्य दलों के प्रत्याशियों के अलावा कई लोकसभा सीटों से खालिस्तान समर्थक भी चुनाव में उतरे हैं। इनमें से कई तो ऐसे हैं, जो खुलेआम खालिस्तान की मांग करते हैं और उस विचारधारा को वाजिब भी ठहराते रहे हैं। इनमें से एक अमृतपाल सिंह ही है, जो पिछले कई महीनों से असम के डिब्रूगढ़ की जेल में बंद है। अमृतपाल सिंह के परिजनों का कहना है कि वह निर्दलीय ही खडूर साहिब सीट से चुनाव में उतरेगा। 

अमृतपाल सिंह के अलावा संगरूर सीट से लोकसभा सांसद सिमरनजीत सिंह मान भी फिर से चुनाव लड़ने वाले हैं। वह उपचुनाव में जीत हासिल करके सांसद बने थे और दोबारा चुनाव में उतरने वाले हैं। सांसद बनने के बाद भी सिमरनजीत सिंह ने खुलकर अलगाववादी विचार रखे थे और कहा था कि खालिस्तान एक सच्चाई है, जिसे कोई नकार नहीं सकता। सिमरनजीत सिंह ने यह भी कहा था कि जैसे हिन्दुस्तान है और पाकिस्तान है, वैसे ही खालिस्तान भी है। यही नहीं सिमरनजीत सिंह मान के इस खुलासे पर तो बहुत विवाद हुआ था, जिसमें उन्होंने माना था कि मैंने खालिस्तान समर्थकों को विदेश भेजने में मदद की थी और उन्हें शरण देने के लिए लेटर भी लिखे थे। 

सिमरनजीत सिंह का कहना था कि 50 हजार लोगों के लिए उन्होंने ऐसे लेटर लिखे थे। इसके लिए हर शख्स से 35 हजार रुपये लिए गए थे। सिमरनजीत सिंह के अलावा इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह का बेटा सरबजीत सिंह खालसा भी चुनाव में उतरा है। 45 साल के सरबजीत सिंह खालसा 12वीं क्लास में ही पढ़ाई छोड़ चुके थे। वह पहले भी 2014 और 2019 में चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जीत नहीं पाए थे। इस बार वह फरीदकोट (सुरक्षित) सीट से उतर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने फतेहगढ़ा साहिब और बठिंडा से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। सरबजीत सिंह के दादा सुच्चा सिंह और मां बिमल कौर भी सांसद रह चुके हैं।

इंदिरा गांधी के हत्यारे का बेटा है सरबजीत खालसा

बता दें कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के दो सुरक्षाकर्मियों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने ही उनकी गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। उनके ही घर पर 31 अक्टूबर, 1984 को यह हत्याकांड अंजाम दिया गया था। सरबजीत सिंह खालसा अकसर खुलकर खालिस्तान का समर्थन करते रहे हैं। फिलहाल फरीदकोट सीट से कांग्रेस के मोहम्मद सादिक सांसद हैं। उन्हें कांग्रेस ने फिर से मौका दिया है। इन लोगों के अलावा संदीप सिंह ने भी चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। यह संदीप सिंह भी अमृतपाल सिंह का ही समर्थक है। 

कौन है सुधीर सूरी का हत्यारा संदीप सिंह, जो जेल से लड़ेगा चुनाव

संदीप सिंह पर हिंदू नेता सुधीर सूरी की 2022 में हत्या करने का आरोप है। खबर है कि पिछले दिनों संदीप के परिवार और सिख संगठनों की बैठक हुई थी, इसके बाद उसके चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। संदीप अमृतसर लोकसभा सीट से आजाद चुनाव लड़ेगा। उनकी चुनाव की प्रक्रिया जेल से पूरी की जाएगी।  संदीप के परिवार का कहना है कि अगर अमृतपाल डिब्रूगढ़ जेल से चुनाव लड़ सकता है तो संदीप को भी चुनाव लड़ाया जाएगा। संदीप सिंह उर्फ सनी खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह का करीबी है।