अमृता विश्वविद्यालय में नए छात्रों का हुआ दीक्षारंभ, राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान
अमृता विश्वविद्यालय के हरिद्वार परिसर में दीक्षारंभ-2026 छात्र प्रेरण कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में नए छात्रों को शिक्षा, संस्कार, और समाज सेवा का महत्व बताया गया। माता अमृतानंदमयी देवी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विवेक और मूल्यों का विकास करने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि ने तकनीकी विकास में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की।

अमृता विश्व विद्यापीठम के हरिद्वार परिसर में बुधवार को दीक्षारंभ-2026 छात्र प्रेरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें शिक्षा के साथ संस्कार, मूल्य, अनुशासन और समाज सेवा का महत्व बताया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति होम और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। माता अमृतानंदमयी देवी (अम्मा) ने विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान और व्यावसायिक दक्षता हासिल करना नहीं, बल्कि विवेक, मूल्यों और करुणा का विकास भी है।
मुख्य अतिथि का संबोधन
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह ने सेना में अपने 44 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनना होगा। तकनीकी वर्चस्व हासिल कर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वैश्विक मंच पर भारत को फिर से मजबूत स्थिति में पहुंचाने की दिशा में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
विशिष्ट अतिथि के विचार
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने उत्तराखंड में शिक्षा के विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। विद्यार्थियों को समझना चाहिए कि व्यक्तिगत स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास जब सामूहिक रूप लेते हैं तो देश में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। अमृता अस्पताल फरीदाबाद के प्रशासनिक निदेशक स्वामी निजामृतानंद पुरी ने आशीर्वचन और प्रेरक संबोधन दिया।
विद्यार्थियों की प्रतिज्ञा
हरिद्वार से विवेक तिवारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। प्रमोद कृष्णन ने भी विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने दीक्षारंभ प्रतिज्ञा ली। उन्होंने विनम्रता के साथ ज्ञान अर्जित करने, ईमानदारी के साथ उत्कृष्टता हासिल करने, समाज की सेवा करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।


