साढ़े 3 साल बाद भी नहीं बने अमृत भारत स्टेशन
बिहारशरीफ और राजगीर स्टेशनों के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना का शुभारंभ 23 फरवरी 2023 को हुआ था। साढ़े तीन साल बीतने के बावजूद, यात्रियों को अभी तक कोई सुविधा नहीं मिली है। राजगीर में 60% और बिहारशरीफ में 50% काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है। अधिकारी अगले साल तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद जता रहे हैं।

साढ़े 3 साल बाद भी नहीं बने अमृत भारत स्टेशन बिहारशरीफ व राजगीर स्टेशनों को चुना गया था योजना में अभी तक स्टेशन पर नहीं मिली यात्रियों को कुछ भी सुविधा राजगीर में 60 फीसदी तो बिहारशरीफ में 50 फीसदी काम पूरा होने का दावा फोटो : राजगीर रेलवे-राजगीर रेलवे स्टेशन पर बन रहा तीन मंजिला भवन। बिहारशरीफ/राजगीर, हिन्दुस्तान टीम। रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प कर यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना की शुरुआत की गयी थी। नालंदा के बिहारशरीफ व राजगीर स्टेशनों का भी चयन किया गया था। 23 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री ने निर्माण कार्यों का ऑनलाइन शिलान्यास किया था। करीब साढ़े तीन साल बीत गये। इसका फायदा यात्रियों को अभी नहीं मिल रहा है। बिहारशरीफ व राजगीर में तीन मंजिला मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बन रही है। राजगीर में 60 फीसदी तो बिहारशरीफ में करीब 50 फीसदी काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है। यह भी दावा है कि अगले साल से यात्रियों को इसका लाभ भी मिलेगी। हालांकि, कछुए की गति से चल रहे निर्माण कार्य के कारण यह दावा पूरा होता नहीं दिख रहा है।
क्या-क्या मिलनी थी सुविधा :
दानापुर मंडल ने नालंदा के ही दो रेलवे स्टेशनों का चयन किया था। इसके माध्यम से स्टेशनों में रूफटॉप प्लाजा, सिटी सेंटर, लंबे प्लेटफॉर्म, गिट्टी रहित ट्रैक, 5-जी कनेक्टिविटी आदि की सुविधाएं बहाल होंगी। योजना के माध्यम से उन सभी आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा, जो यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय मानक बनाये गये हैं। इसके अलावा पार्क, वाहनों के लिए पार्किंग आदि भी बनाने की योजना है। कैसा है हाल : बिहारशरीफ-प्लेटफार्म की संख्या बढ़ी है। प्लेटफार्म की लंबाई भी बढ़ी है। एक नया फुट ओवरब्रिज बना है। हालांकि, पुराने ओवरब्रिज को हटाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गयी है। अब टिकट काउंटर से ओवरब्रिज तक जाने के लिए यात्रियों को 100 मीटर से अधिक चलना पड़ता है। तीन मंजिला भवन का अभी निर्माण कार्य चल रहा है। राजगीर-25 मीटर चौड़ा और 60 मीटर लंबा भवन बन रहा है। इसके साथ ही 60 मीटर लंबी और 18 मीटर चौड़ी पोर्टिको का भी निर्माण कराया जा रहा है। वर्तमान स्टेशन भवन लगभग 8 मीटर चौड़ा और 60 मीटर लंबा है। तीनमंजिला भवन बन रहा है। इसमें वेटिंग हॉल, लॉबी, टिकट काउंटर, पुरुष एवं महिला यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। एक नया फुट ओवरब्रिज बनेगा। दो लिफ्ट और एक एस्केलेटर भी लगाए जाने की योजना है। काफी धीमी है निर्माण की गति : शिलान्यास के बाद डेढ़ साल में निर्माण कार्य को पूरा करने की योजना थी। करीब साढ़े तीन साल हो गये। इस िसाब से काम हुआ तो इसमें करीब चार साल और लगेंगे। बिहारशरीफ और राजगीर दोनों स्टेशनों पर सुविधाओं की घोर कमी है। स्वच्छ पेयजल नहीं है। यात्रियों के लिए पर्याप्त मात्रा में शेड नहीं है। प्लेटफार्म लंबा तो हुआ है पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं है। अमृत भारत योजना के कारण स्टेशनों पर अलग से कोई काम भी नहीं हो रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी :
राजगीर स्टेशन प्रबंधक सीबी सिंह ने कहा कि नये भवन में यात्री सुविधाएं विकसित की जा रही है। यह स्टेशन बड़े-बड़े महानगरों की ही तरह सभी तरह के आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। स्टेशन परिसर में राजगीर की गौरवशाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को भी दर्शाया जाएगा। अगले साल तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। (बिहारशरीफ से अमित कुमार, राजगीर से अनूप कुमार)


