छह में मात्र दो ही अमृत स्टेशन बन पाया
हिन्दुस्तान पड़ताल नवगछिया, सबौर, कहलगांव और सुल्तानगंज में काम अधूरा जोनल स्तर पर फंड निकासी,

भागलपुर, हिन्दुस्तान टीम। जिले में अमृत भारत योजना के तहत छह स्टेशनों का चयन किया गया। इनमें पीरपैंती, नवगछिया, शिवनारायणपुर, सबौर, कहलगांव और सुल्तानगंज शामिल है। बीते साल पीरपैंती एकमात्र स्टेशन रहा जो लक्ष्य के तहत पूरा हुआ। इस स्टेशन का ऑनलाइन उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। शिवनारायणपुर स्टेशन भी बनकर तैयार है। इसका उद्घाटन 17 जुलाई को होगा। शिवनारायणपुर मालदा डिवीजन का एकमात्र स्टेशन है जिसका उद्घाटन 17 जुलाई को किया जाएगा।
शेष स्टेशनों की स्थिति
इसके अलावा नवगछिया, सबौर, कहलगांव और सुल्तानगंज का कायाकल्प मझधार में है। जानकारी के मुताबिक, सबौर और शिवनारायणपुर में 60 से 70 फीसदी काम ही हो पाया है। यहां वेटिंग हॉल और सर्कुलेटिंग एरिया तो चमक गए हैं। लेकिन फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का काम अब भी अधूरा है। दूसरी तरफ नवगछिया में अभी सिर्फ दूसरे प्रवेश द्वार सेकेंड एंट्री और प्लेटफॉर्म शेल्टर की नींव रखने के बाद से काम पूरी तरह से बंद है। सबसे बदतर स्थिति कहलगांव और सुल्तानगंज की है। जहां कागजी दावों के विपरीत जमीन पर काम नगण्य है। रेलवे बोर्ड ने पहले चरण के लिए जून 2025 की सीमा तय की थी, लेकिन अब इसे सतत प्रक्रिया बताकर अधिकारी कोई निश्चित समय सीमा देने से बच रहे हैं। जब तक जोनल स्तर पर फंड निकासी और ठेकेदारों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक अमृत योजना का लाभ आधा-अधूरा ही रहेगा।
सुल्तानगंज में फेज 1 का काम पूरा
सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रथम फेज में कई कार्य किए गए हैं। अराइवल ब्लॉक, यात्री प्रतीक्षालय, कांवरियों के लिए विशेष प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया है। अराइवल ब्लॉक में एटीएम की सुविधा दी गई है। सेकेंड फेज का काम यहां प्रारंभ नहीं हो सका है। सेकेंड फेज का कार्य प्रारंभ होने के बाद यात्रियों को और अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। सेकेंड फेज के लिए डिवीजन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिए जाने की बात बताई जा रही है। बताया जा रहा है की सेकेंड फेज में प्लेटफार्म संख्या दो एवं एक पर यूरिनल, 16 मीटर का शेड प्लेटफार्म संख्या दो एवं तीन पर, सरफेसिंग, सर्कुलेटिंग एरिया, दिव्यांग का टिकट काउंटर इंक्वायरी, बाउंड्री वॉल, एप्रोच रोड सहित बेसिक चीज पर ध्यान दिया गया है। यात्रियों के सुलभ आवागमन को लेकर स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। जो 20 जुलाई तक फुट ओवरब्रिज यात्रियों के सुलभ आवागमन के लिए चालू कर दिए जाने की बात कही गई है। अमृत भारत योजना के तहत मुख्य सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। स्टेशन अधिकारी गिरीश प्रसाद सिंह ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन में फेज वन का कार्य पूर्ण हो गया है। फेज टू का कार्य अभी प्रारंभ नहीं हुआ है।
नवगछिया स्टेशन में कार्य बाधित
बुलेट ट्रेन को लेकर नई फोरलाइन ट्रैक बनने से नवगछिया स्टेशन पर लगा ग्रहण। नवगछिया अमृत भारत स्टेशन के रूप में पहले चरण मे़ ही चयनित हुआ था, जिसका शिलान्यास वर्ष 2023 में समारोह पूर्वक किया गया था। यहां पर लगभग 22 करोड़ की लागत से प्लेटफार्म का निर्माण होना था, जिसे एक मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करना था। यह कार्य जनवरी 2024 में पूरा करना था लेकिन बरौनी-कटिहार रेलवे स्टेशन के बीच बुलेट ट्रेन गुजरने को लेकर नई फोरलाइन ट्रैक होने के कारण इस कार्य पर ग्रहण लग गया। इस कारण प्लेटफार्म पर कई जगह शेड का हो रहा काम पसरा हुआ है। प्लेटफार्म संख्या एक पर पिछले एक वर्ष से संवेदक द्वारा गड्ढा खुदाई कर सेट को खुलवा लिया गया। लेकिन आज तक कार्य नहीं होने के कारण वह गड्ढा लेवल हो रहा है। नवगछिया रेलवे स्टेशन के दो नंबर प्लेटफार्म पर नई बिल्डिंग का विनिर्माण कार्य गति शक्ति के माध्यम से शुरू कर दिया गया था, लेकिन उच्च अधिकारियों की निरीक्षण के बाद यहां से बुलेट ट्रेन का मुख्य लाइन गुजरने के कारण उस कार्य को तत्काल रोक दिया गया है। ऐसे कुछ कार्य हुए जैसे कोच डिस्पले बोर्ड सहित शेड निर्माण कराया गया है। रेलवे के दक्षिण साइड में नये स्टेशन के बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी शुरू हुआ था जो लगभग तीस प्रतिशत कार्य होने के बाद इस रूट में तीसरी रेलवे लाइन निर्माण की स्वीकृत और बुलेट ट्रेन के परिचालन के लिए इस रूट का चयन होने की स्थिति में तत्कालीन कार्य को रोक दिया गया था। जो अबतक बंद है। कार्य संबंधित जानकारी लेने पर गति शक्ति के इंजीनियरों की टीम ने बताया कि बुलेट ट्रेन के रूट सर्वेक्षण के उपरांत नये बिल्डिंग निर्माण कार्य सहित अन्य विकास कार्य जो अमृत भारत स्टेशन के तहत किए जाने है। उनका कार्य रुका हुआ है। स्टेशन अधीक्षक अनिल चौरसिया ने बताया कि बुलेट ट्रेन और कटरिया-बटेश्वर स्थान रेल परियोजना के कारण अभी अमृत भारत के तहत होनेवाला निर्माण कार्य रुका हुआ है।
कहलगांव में पूर्णता की ओर
कहलगांव रेलवे स्टेशन के अमृत भारत स्टेशन योजना के प्रथम चरण का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। परियोजना का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो गया है। अब केवल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-80) की ओर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार को आम यात्रियों के लिए खोला जाना शेष है, साथ ही रंग रोगन करना है। हालांकि निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद स्टेशन का औपचारिक उद्घाटन अभी तक नहीं हो सका है। निर्माण एजेंसी द्वारा परियोजना का पूर्ण हैंडओवर रेलवे प्रशासन को नहीं दिए जाने के कारण उद्घाटन प्रक्रिया भी लंबित है। वहीं, स्टेशन के दूसरे चरण के विकास कार्य को अब तक स्वीकृति नहीं मिलने से आगे की योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण कार्य अगस्त 2023 में शुरू हुआ था। निर्धारित समय सीमा की तुलना में विभिन्न कारणों से कार्य लगभग डेढ़ वर्ष की देरी से पूरा हुआ। अब स्टेशन भवन सहित अधिकांश संरचनाएं तैयार हैं, लेकिन उद्घाटन की तिथि की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। प्रथम चरण के अंतर्गत यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर का व्यापक कायाकल्प किया गया है। इसमें आधुनिक कॉनकोर्स एरिया, आकर्षक बाहरी पार्क, प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी एवं स्लीपर श्रेणी के यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रतीक्षालय, महिलाओं के लिए लेडीज वेटिंग हॉल तथा वीआईपी प्रतीक्षालय का निर्माण किया गया है। इसके अलावा अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्टेशन परिसर में नई सड़क, जल निकासी के लिए पक्के नाले तथा यात्रियों की सुविधा हेतु पे-एंड-यूज शौचालय भी बनाए गए हैं। स्टेशन अधीक्षक अनुज कुमार अचल ने बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा अभी तक परियोजना का पूर्ण हैंडओवर रेलवे प्रशासन को नहीं किया गया है। इसी कारण उद्घाटन की प्रक्रिया लंबित है। उन्होंने बताया कि एनएच-80 की ओर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार भी अभी यात्रियों के लिए नहीं खोला गया है। इसके खुलने के बाद स्टेशन तक पहुंच और अधिक सुगम हो जाएगी。


