जेवर हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन जांच सुविधा जल्द शुरू करें : अमित शाह
देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्री सुविधा का जायजा लिया दो वर्ष के भीतर

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जेवर और अगरतला हवाई अड्डों पर अधिकृत आव्रजन (इमिग्रेशन) जांच स्थलों को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। अमित शाह ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु के साथ देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और आव्रजन प्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि 21 निर्माणाधीन हवाई अड्डों और बाकी 41 हवाई अड्डों को नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) की ओर से तय सुरक्षा मानकों के अनुसार यात्री संख्या के आधार पर विकास के लिए प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी 62 हवाई अड्डे दो साल के भीतर पूरी तरह से शुरू हो जाने चाहिए, ताकि यात्रियों की सुविधा बढ़ाई जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा सके कि व्यावसायिक इलाके तय नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि 2027 तक सभी राज्यों के मुख्यालयों में विदेशियों के लिए क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) शुरू हो जाने चाहिए। बयान में कहा गया है कि शाह ने देशभर के सभी हवाई अड्डों पर चरणबद्ध तरीके से ऑटोमेटेड एक्स-रे ट्रे रिटर्न सिस्टम (एटीआरएस) लगाने का आह्वान किया, ताकि मानव संसाधन की लागत कम की जा सके。
व्यापक ढांचा तैयार करने के निर्देश
अमित शाह ने एक व्यापक ढांचा तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें हवाई अड्डों पर प्रवेश लेन, चेक-इन काउंटर, सुरक्षा जांच लेन और आव्रजन काउंटर की आपसी निर्भरता को ध्यान में रखा जाए, ताकि किसी भी स्थल पर यात्रियों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए।
एयरोब्रिज की संख्या को लेकर नियम तय करें
अमित शाह ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह यात्री और हवाई यातायात के आधार पर सभी एयरपोर्ट पर एयरोब्रिज की संख्या के लिए नियम तय करें। एयरोब्रिज एक बंद, चलने-फिरने वाला टनल होता है जो सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल को हवाई जहाज से जोड़ता है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभी 16 प्रमुख एयरपोर्ट पर उपलब्ध बैगेज ड्रॉप सुविधा को ज्यादा यात्री यातायात वाले अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक भी बढ़ाया जाए।
योग्यता में कोई ढील नहीं
अमित शाह ने कहा कि एक्स-रे स्क्रीनिंग के लिए तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल कर्मियों की शैक्षिक योग्यता में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जरूरी शैक्षिक योग्यता वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को ही एक्स-रे स्क्रीनिंग की ड्यूटी सौंपी जाए।
यात्रियों की सुविधा का रखें खयाल
फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर्स प्रोग्राम (एफटीआई-टीटीपी) को लोकप्रिय बनाने के लिए गृहमंत्री ने कहा कि एयरलाइंस के साथ मिलकर एक सिस्टम बनाया जाना चाहिए। इसके तहत, अंतरराष्ट्रीय टिकट बुक करते समय यात्रियों को व्हाट्सऐप मैसेज भेजा जाए और उनसे एफटीआई-टीटीपी के लिए रजिस्टर करने का अनुरोध किया जाए। शाह ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और सीआईएसएफ को यात्रा के पीक सीजन के दौरान अलग-अलग थर्ड-पार्टी स्टडी करवानी चाहिए। इसका मकसद बड़े एयरपोर्ट पर सभी टच प्वाइंट पर यात्रियों को होने वाली देरी का आकलन करना और उसे कम करना है।


