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'ED निदेशक कौन है... यह अहम नहीं', SC के फैसले के बाद हमलावर विपक्ष पर अमित शाह का पलटवार

सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के तीसरे सेवा विस्तार को मंगलवार को अवैध करार दिया। अदालत ने उनका विस्तारित कार्यकाल घटाकर 31 जुलाई तक कर दिया है।

'ED निदेशक कौन है... यह अहम नहीं', SC के फैसले के बाद हमलावर विपक्ष पर अमित शाह का पलटवार
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 11 Jul 2023 08:20 PM
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ईडी निदेशक के कार्यकाल विस्तार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर हमलावर विपक्ष पर पलटवार किया है। शाह ने मंगलवार शाम को ट्वीट करके कहा कि ED मामले पर SC के फैसले को लेकर खुशी मनाने वाले कई कारणों से भ्रमित हैं। दरअसल, कांग्रेस ने ईडी प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के तीसरे सेवा विस्तार को अवैध करार देने के बाद कहा कि यह सरकार के मुंह पर तमाचा है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप भी लगाया कि सरकार का यही मकसद था कि ED निदेशक को गैरकानूनी तरीकों से सर्विस विस्तार दिया जाए। अमित शाह ने कांग्रेस नेताओं के इस तरह के बयानों का जवाब दिया है। शाह ने एक तरीके से विपक्ष को याद दिलाते हुए कहा...

1. सीवीसी अधिनियम में जो संशोधन संसद की ओर से विधिवत पारित किया गया था, उसे बरकरार रखा गया है।

2. भ्रष्ट और कानून के गलत पक्ष के साथ खड़े होने वालों पर कार्रवाई करने की ED की शक्तियां पहले की तरह ही रहेंगी।

3. ईडी एक ऐसी संस्था है जो किसी एक व्यक्ति से ऊपर है और इसका फोकस अपने मुख्य उद्देश्य पर है। जैसे कि मनी लॉन्ड्रिंग के अपराधों और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन की जांच करना है।

4. इस तरह ईडी निदेशक कौन है... यह अहम नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि जो कोई भी इस भूमिका में आएगा, वह विकास विरोधी मानसिकता रखने वाले राजवंशों के क्लब के बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार पर ध्यान देगा।

SC ने अपने फैसले में क्या कहा
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के तीसरे सेवा विस्तार को मंगलवार को अवैध करार दिया। अदालत ने उनका विस्तारित कार्यकाल घटाकर 31 जुलाई तक कर दिया। जस्टिस बी.आर. गवई, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने इस मामले पर फैसला सुनाया। बेंच ने कहा कि इस साल वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की ओर से जारी समीक्षा के मद्देनजर और सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए मिश्रा का कार्यकाल 31 जुलाई तक रहेगा। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 1984-बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी का कार्यकाल 18 नवंबर, 2023 तक निर्धारित था।

कांग्रेस बोली- सरकार के मुंह पर तमाचा
कोर्ट के इस फैसले पर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय दिया है उससे कांग्रेस के रुख की पुष्टि हुई है। हमारा शुरू से कहना रहा है कि ईडी निदेशक को सेवा विस्तार दिया जाना पूरी तरह गैरकानूनी था। यही मकसद था कि ईडी निदेशक को गैरकानूनी तरीकों से सेवा विस्तार दिया जाए। यह फैसला सरकार के मुंह पर तमाचा है।' ईडी निदेशक के सेवा विस्तार के खिलाफ याचिका दायर करने वालों में कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि SC को ईडी व सीबीआई निदेशक के सेवा विस्तार के कानून की वैधता को सही ठहराने वाले निर्णय पर भी फिर से विचार करने की जरूरत है।

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