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27 जनवरी, 2020|6:10|IST

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कश्मीर में नेताओं की हिरासत पर बोले अमित शाह, किसी को जेल में रखने की मंशा नहीं

 home minister amit shah in lok sabha situation in kashmir valley

गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार (10 दिसंबर) को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस को राजनीतिक नेताओं से ज्यादा आम आदमी की चिंता करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि नेताओं को हिरासत से छोड़ने का निर्णय स्थानीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा। निचले सदन में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के पूरक प्रश्न के उत्तर में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर के मामले में केंद्र सरकार दखल नहीं देगी।

उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक नेताओं को प्रतिबंधित आदेश के तहत जेल में रखा गया है, सरकार की उनमें से किसी को एक दिन भी ज्यादा जेल में रखने की कोई इच्छा नहीं है। जब भी प्रशासन तय करेगा, उनकी रिहाई होगी।  दरअसल, चौधरी ने सवाल किया था कि जम्मू-कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला और दूसरे नेताओं को कब रिहा किया जाएगा तथा क्या वहां राजनीति गतिविधि बहाल है। 

जम्मू कश्मीर में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राजनीतिक गतिविधि की भी चिंता की है। वहां 40 हजार पंच सरपंचों के चुनाव हुए जो वर्षों से नहीं हुए थे। इसके अलावा तालुका और ब्लाक स्तर के चुनाव भी हुए। इसमें लोगों ने बड़े पैमाने पर मतदान भी किया।

कांग्रेस ने शेख अब्दुल्ला को 11 साल तक जेल में रखा : शाह ने आरोप लगाया कि फारूख अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला को 11 साल तक जेल में रखा गया और यह कांग्रेस के समय में हुआ। हमारा उनके नक्शे कदम पर चलने का कोई इरादा नहीं है। 

घाटी में स्थिति सामान्य
घाटी में सामान्य स्थिति को लेकर विपक्ष के सवालों पर अमित शाह ने कहा कि सभी थाना क्षेत्र से कफ्र्यू हटाया लिया गया, धारा 144 हटा ली गई लेकिन यह इनको (विपक्ष) सामान्य स्थिति नहीं लगती है। शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति सामान्य है, लेकिन वह कांग्रेस की स्थिति सामान्य नहीं कर सकते। कांग्रेस के लोग कह रहे थे कि 370 हटाने पर रक्तपात हो जाएगा, लेकिन वहां एक गोली भी नहीं चली।

घुसपैठ के 84 प्रयास हुए
गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने  बताया कि अगस्त में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे संबंधी अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद नियंत्रण रेखा पर सीमा पार से घुसपैठ के 84 प्रयास किये गए और इनमें 59 आतंकवादियों के घुस आने की आशंका है। 

दुकानें बंद रहीं: घाटी में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर अलगाववादियों के बंद के चलते कई जिलों में दुकानें बंद रहीं।
एसएमएस सेवा शुरू: प्रशासन ने मंगलवार (10 दिसंबर) को सेवा प्रदाताओं को घाटी में एसएमएस सेवा शुरू करने की अनुमति दे दी ताकि लोग और खासकर व्यापारी वर्ग विभिन्न बैंकों से संदेश हासिल कर सके।  

अदालत ने दो लोगों की पीएसए हिरासत रद्द की
वहीं दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने लोक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिए गए दो लोगों को रिहा करने का मंगलवार (10 दिसंबर) को आदेश दिया।अधिकारियों ने बताया कि न्यायमूर्ति अली मोहमद मागरे ने सोमवार को सोपोर के मोहम्मद अशरफ गनी और श्रीनगर के इम्तियाज पहलु की पीएसए हिरासत रद्द कर दी।

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  • Web Title:Amit Shah Tells Lok Sabha About Kashmiri Leaders custody