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दादा उम्र हो चुकी आपकी; TMC के वरिष्ठ सांसद पर क्यों भड़के अमित शाह, ऐसा दूसरी बार

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान टीएमी सांसद सौगत रॉय की बात पर गृह मंत्री अमित शाह भड़क गए। उन्होंने कहा कि हमने देश में एक निशान, एक प्रधान और एक विधान को लागू किया है।

दादा उम्र हो चुकी आपकी; TMC के वरिष्ठ सांसद पर क्यों भड़के अमित शाह, ऐसा दूसरी बार
Ankit Ojhaलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीTue, 05 Dec 2023 06:21 PM
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संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा में चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद सौगत रॉय पर भड़क गए। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, दादा आपकी उम्र हो चुकी है। बता दें कि सौगत रॉय जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने अनुच्छेद 370 को कश्मीरियों के फायदे लिए नहीं बल्कि अपने चुनावी वादे पूरे करने और जनसंघ के नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उद्देश्य ''एक निशान, एक प्रधान और एक संविधान' को पूरा करने के लिए किया है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अमित शाह इस तरह से सौगत रॉय पर भड़के हैं। बीते साल भी शीतसत्र के दौरान वह सौगत रॉय पर भड़के थे। 

सौगत रॉय ने कहा, जब मैं कॉलेज में पढ़ाता था तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्लोगन था, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान। यह उनका स्लोगन था। इसी बात पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, यह बहुत ही आपत्तिजनक है कि इस देश में ऐसी मांग की जा रही है। एक देश में दो प्रधानमंत्री कैसे हो सकते हैं, दो संविधान कैसे हो सकते हैं और दो झंडे कैसे हो सकते हैं? जिन्होंने भी यह काम किया था, गलत किया था। नरेंद्र मोदी जी ने इसको सुधारने का काम किया है। आपकी सहमति और ना सहमति से क्या होता है। ऐसा पूरा देश चाहता था। यह चुनावी नारा नहीं है। हम 1950 से ही कह रहे थे कि देश में एक निशान, एक प्रधान और एक संविधान होने चाहिए। दो नहीं चलेंगे और हमने करके भी दिखा दिया। 

शाह का समर्थन करते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा, पहले लोगों पर पत्थरबाजी होती थी लेकिन 370 हटने के बाद यह बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में विपक्षी सांसदों को जेल हो गई भारत का झंडा तक नहीं लहराया जाता था। अब श्रीनगर के लाल चौक ही नहीं बल्कि कश्मीर की हर गली में तिरंगा लहराता है। उन्होंने कहा कि रॉय बंगाल को बर्बाद कर रहे हैं। बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जम्मू-कश्मीर रिजर्वेशन (संशोधन) विधेयक पेश खिया था। इसमें पोओके से विस्थापित होने वाले कश्मीरियों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। इसके अलावा एससी, एसटी और दूसरी पिछड़ी जातियों को भी आरक्षण दिया जाना है। 

रॉय ने कहा, तीन युद्धों के दौरान 41 हजार से ज्यादा परिवार विस्थापित हो गए। राज्य में आतंकी घटनाओं और आतंकियों के अत्याचार के चलते 46 हजार परिवारों ने घर छोड़ दिया। अब भी कश्मीर पंडित लौटने को तैयार नहीं हैं। जब तक आप चुनाव नहीं करवाते कश्मीर में कुछ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, बिना लोगों को ताकत दिया कहीं शासन भी नहीं किया जा सकता। 10 साल से लोगों को अधिकार नहीं दिए गए हैं। 

रॉय ने कहा, जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में तोड़ देना एक पतित कदम था और इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा, आपको ऐसा करके क्या मिला। आतंकवाद कम नहीं हुआ। दो सप्ताह पहले ही हमने एक मेजर और एक कंपनी कमांडर को खो दिया। सेना के दो कैप्टेन शहीद हो गए। क्या यही शांति है जो अमित शाह लेकर आए हैं। कश्मीर में कुछ सांस्कृतिक और खेल के कार्यक्रम करवाकर जताया जा रहा है कि वहां सब अच्छा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के केवल फैक्ट्रियों का उद्घाटन करते हैं, केसर की खेती देखते हैं और खेल के कार्यक्रमों में जाते हैं। इस बीच स्पीकर ने भी टोकते हुए कहा था कि देश के सांसदों ने भी जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। 
 
पिछले साल क्यों नाराज हुए थे शाह?
बीते साल संसद के शीतसत्र के दौरान जब शाह अपना भाषण दे रहे थे तभी सांसद सौगत रॉय ने बीच में टोकना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने नाराज होते हुए कहा, इस तरह से बीच में टोका-टोकी करना ठीक नहीं है। यह आपकी सीनियॉरिटी के लिए अच्छा नहीं है। आपकी उम्र के लिए भी अच्छा नहीं है। शाह ने कहा था, आपको बोलना है तो मैं बैठ जाता हूं। आप आराम से बोलिए। 

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