सहकारी बैंक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म, साइबर सुरक्षा प्रणाली को जल्द अपनाएं : शाह
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारी बैंकिंग, जैविक उत्पादों और सहकारी निर्यात को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय रोडमैप की समीक्षा की। उन्होंने सहकारी बैंकों को तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म और साइबर सुरक्षा अपनाने के निर्देश दिए। सरकार सहकारी क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन और वित्तीय समावेशन के लिए प्रतिबद्ध है।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सहकारी बैंकिंग, जैविक उत्पादों और सहकारी निर्यात को सशक्त बनाने के लिए तैयार राष्ट्रीय रोडमैप की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म, साइबर सुरक्षा प्रणाली और साझा सेवाओं को जल्द से जल्द अपनाएं, ताकि देश में सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। समीक्षा बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी, नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी केवी और विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रामीण सहकारी बैंक ‘सहकार सारथी’ और शहरी सहकारी बैंक राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम (एनयूसीएफडीसी) से जुड़ेंगे।
साइबर सुरक्षा पहल
सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने की क्षमता को मजबूत करने के लिए ‘म्यूलहंटर एआई’ को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) से जोड़ने की पहल की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि ‘सहकार सारथी’ के माध्यम से आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) सेवाएं शुरू हो चुकी हैं तथा चुनिंदा सहकारी बैंकों में ई-केवाईसी सेवा भी चालू है। अगस्त 2026 तक 100 सहकारी बैंकों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
शहरी सहकारी बैंक
अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम सभी शहरी सहकारी बैंकों को एक साझा मंच पर लाने के लिए कार्य कर रहा है, जिससे उन्हें तकनीकी समाधान और संस्थागत सहायता मिल सकेगी। राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल) और राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि जैविक किसानों से खरीद बढ़ाने, परीक्षण, प्रमाणन, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी लाई जाए। साथ ही सहकारी उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए नए निर्यात बाजारों की पहचान और विकास पर भी जोर दिया गया।
डिजिटल मार्केटप्लेस
गृह एवं सहकारिता मंत्री ने ‘को-ऑप मार्क’, डिजिटल मार्केटप्लेस और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इससे सहकारी उत्पादों की पहचान, पहुंच और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उनकी स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के अनुरूप सरकार सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन, वित्तीय समावेशन, टिकाऊ कृषि और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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