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सैम पित्रोदा के डबल झटके से बैकफुट पर कांग्रेस, 'नस्लवादी’ टिप्पणी से किया किनारा

Sam Pitroda Controversy: सैम पित्रोदा ने भारत की विविधता का उदाहरण देते हुए पूर्वोत्तर के लोगों की चीनी, पश्चिम के लोगों को अरब लोगों के समान और दक्षिण भारत के लोगों को अफ्रीकी जैसा बताया था।

सैम पित्रोदा के डबल झटके से बैकफुट पर कांग्रेस, 'नस्लवादी’ टिप्पणी से किया किनारा
Pramod Kumarअक्षिता कुमारी, हिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीWed, 08 May 2024 03:53 PM
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मौजूदा लोकसभा चुनावों के बीच मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस अपने ओवरसीज चीफ सैम पित्रोदा के बयान से दूसरी बार मुश्किलों में घिर गई है। पित्रोदा के बयान पर विवाद बढ़ता देख कांग्रेस ने उनकी कथित नस्लवादी टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा, “सैम पित्रोदा ने पॉडकास्ट में भारत की विविधता को दर्शाने के लिए जो उदाहरण दिए हैं, वे सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इन उदाहरणों से खुद को पूरी तरह से अलग करती है।”

सैम पित्रोदा ने भारत की विविधता का उदाहरण देते हुए पूर्वोत्तर के लोगों की चीनी नागरिकों के समान, पश्चिम के लोगों को अरब लोगों के समान और दक्षिण भारत के लोगों को अफ्रीकी लोगों के समान बताया था। भाजपा नेताओं ने चुनावी माहौल में पित्रोदा की टिप्पणी की तीखी आलोचना की है और इसे ‘अस्वीकार्य और दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया है। 

दरअसल, 'द स्टेट्समैन' के साथ एक साक्षात्कार में सैम पित्रोदा ने हाल ही में एक लोकतांत्रिक उदाहरण के रूप में भारत की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा, “हम भारत जैसे विविधतापूर्ण देश को एक साथ रख सकते हैं – जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे दिखते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग शायद गोरे जैसे दिखते हैं और दक्षिण के लोग अफ्रीकी जैसे दिखते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हम सभी भाई-बहन हैं।”

भारतीय जनता पार्टी ने पित्रोदा की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम इस नस्लवादी मानसिकता को स्वीकार नहीं करेंगे। पीएम ने कहा, "जब मुझ पर अपशब्द कहे गए तो मैंने उसे बर्दाश्त कर लिया, लेकिन अब हमारे देश के लोगों को अपशब्द कहे जा रहे हैं।  क्या हम किसी व्यक्ति की योग्यता उसकी त्वचा के रंग के आधार पर तय कर सकते हैं? शहजादे को मेरे लोगों को इस तरह से नीचा दिखाने की अनुमति किसने दी? हम इस नस्लवादी मानसिकता को स्वीकार नहीं करेंगे!" 

इस टिप्पणी पर भाजपा के अन्य कई नेताओं ने भी नाराजगी जताई है। असम और मणिपुर के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "सैम भाई, मैं उत्तर पूर्व से हूं और मैं भारतीय जैसा ही दिखता हूं। हम एक विविधतापूर्ण देश में हैं, हम अलग दिख सकते हैं लेकिन हम सभी एक हैं। अपने देश के बारे में थोड़ा तो समझ लो!"

मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा, "मैं कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा की पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ नस्लवादी टिप्पणी की निंदा करता हूं। कांग्रेस ने हमेशा अपनी फूट डालो और राज करो की नीति के साथ भारत को विभाजित करने की कोशिश की है। लेकिन उन्हें यह पता होना चाहिए कि पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा रहा है और हमेशा रहेगा।" इसके साथ ही सिंह ने कहा कि भारत की विविधता का ऐसा मजाक अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि सैम पित्रोदा को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

इससे पहले भी पित्रोदा तब विवादों में आए थे, जब उन्होंने अमेरिका की तरह देश में विरासत टैक्स लगाने की वकालत की थी। उस वक्त भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोला था और कहा था कि कांग्रेस की नजर आपकी संपत्ति पर है। माताओं-बहनों के मंगलसूत्र पर है। पीएम मोदी ने ये भी आरोप लगाया था कि कांग्रेस अगर सत्ता में आ गई तो वह लोगों के पुरखों की संपत्ति छीन लेगी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी का मंत्र “लूटना” है, “जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी”।